नई दिल्ली: भारतीय घरेलू क्रिकेट में ईशान किशन ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से एक नया इतिहास रच दिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2025-26 में झारखंड के कप्तान और विकेटकीपर ईशान किशन ने ऐसा प्रदर्शन किया कि उन्होंने महान खिलाड़ी एमएस धोनी को भी पीछे छोड़ दिया।
पुणे के एमसीए स्टेडियम में खेले गए फाइनल में हरियाणा के खिलाफ ईशान किशन ने अद्भुत बल्लेबाजी की। उन्होंने मात्र 49 गेंदों में 101 रन बनाने का काम किया। उनकी इस पारी में 6 चौके और 10 शानदार छक्के शामिल थे।
सहयोगी बल्लेबाजों का योगदान
ईशान किशन को उनके साथी कुमार कुशाग्र का शानदार सहयोग मिला, जिन्होंने 38 गेंदों में 81 रन बनाकर टीम की रन गति को तेज बनाए रखा। दोनों के बीच 177 रनों की प्रभावी साझेदारी हुई। इस स्कोर के बाद अंकुल रॉय और रॉबिन मिंज ने तेजी से रन बनाते हुए टीम को मजबूती प्रदान की।
पूरा टूर्नामेंट में किशन का दबदबा
ईशान किशन का प्रदर्शन केवल फाइनल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 मैचों में 517 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 57 से अधिक रहा और स्ट्राइक रेट लगभग 200 का रहा। इस दौरान उन्होंने दो शतकों का भी जश्न मनाया और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
धोनी का रिकॉर्ड ध्वस्त
इस टूर्नामेंट में ईशान किशन ने कुल 33 छक्के लगाए, जिसके साथ ही उन्होंने टी20 क्रिकेट में विकेटकीपर कप्तान के रूप में एक टूर्नामेंट में सबसे अधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड एमएस धोनी और निकोलस पूरन के पास था, जिन्होंने 30-30 छक्के लगाए थे।
विकेटकीपर-कप्तान के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि
ईशान किशन टी20 फाइनल में शतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा विकेटकीपर कप्तानों में शामिल हो गए हैं। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने। इसके अलावा, वह किसी एक टूर्नामेंट में विकेटकीपर कप्तान रहते हुए एक से अधिक शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाजों में सबसे आगे
टी20 क्रिकेट में विकेटकीपर होकर सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी अब ईशान किशन बन चुके हैं। उन्होंने इस क्रम में संजू सैमसन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईशान का नाम दुनिया के शीर्ष विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल हो गया है।

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