ईशान किशन की टीम में वापसी, गीता से मिली प्रेरणा

नई दिल्ली: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान शनिवार को मुंबई में किया गया। इस बार चयन प्रक्रिया को लेकर कई चर्चाएं चल रही थीं, क्योंकि अनुमान था कि वही खिलाड़ी टीम में होंगे जो हाल की टी-20 सीरीज में शामिल रहे हैं। हालांकि, चयनकर्ताओं ने सभी को चौंकाते हुए ईशान किशन का नाम टीम में शामिल किया, जबकि वह लगभग दो वर्षों से टीम से बाहर थे। यह देखना दिलचस्प है कि अचानक उन्हें वर्ल्ड कप टीम में स्थान कैसे मिला।

घरेलू क्रिकेट में अद्वितीय प्रदर्शन

ईशान किशन की वापसी का प्रमुख कारण उनका हालिया घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में ईशान ने अपने खेल का जादू बिखेरा, जिससे झारखंड की टीम ने पहली बार खिताब जीता। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक 517 रन बनाकर सबको प्रभावित किया और 33 छक्के लगाकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उनका स्ट्राइक रेट 197.32 रहा, जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर खींचा।

‘भगवद गीता से मिली मानसिक मजबूती’

ईशान की वापसी की कहानी केवल उनके क्रिकेट के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उनके पिता, प्रणय कुमार पांडे, ने बताया कि कठिन समय में ईशान ने भगवद गीता से मानसिक ताकत प्राप्त की। वह अब अपने किट बैग में बैट और ग्लव्स के साथ एक पॉकेट गीता रखते हैं। मानसिक बदलाव के चलते ईशान अब बिना जरूरत के बड़े शॉट नहीं खेलते; वे स्थिति के अनुसार खेलते हैं, रणनीति के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करते हैं, और जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हैं।

दो वर्षों की कठिनाई के बाद वापसी

पिछले दो साल ईशान किशन के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। काउंटी क्रिकेट के दौरान चोट और उसके बाद बाइक एक्सीडेंट ने उनकी वापसी की योजनाओं पर असर डाला। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वापसी का अवसर उन्हें मिलने वाला था, लेकिन चोट के कारण वह बाहर हो गए। इस कठिन अवधि में उन्होंने मानसिक रूप से भी काफी संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने कभी अपने दुख को सार्वजनिक नहीं किया।

टी-20 करियर की महत्वपूर्ण जानकारियाँ

ईशान किशन ने अब तक 32 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भाग लिया है, जिसमें उन्होंने 796 रन बनाये हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 89 है। उनका स्ट्राइक रेट 124 से अधिक है। उन्होंने अपना आखिरी टी-20 मैच 28 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें वह ज्यादा सफल नहीं रहे। हालाँकि, हालिया SMAT में उनके शानदार प्रदर्शन ने साबित किया कि वह फिर से टीम में जगह बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ईशान किशन की यह वापसी क्रिकेट प्रशंसकों और टीम के लिए उम्मीदों का एक नया उजाला लेकर आई है। उनके अनुभव, आक्रामक खेल और मानसिक मजबूती वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को लाभ पहुँचा सकती है।

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