जमशेदपुर समाचार: मदरसा फैजुल उलूम में 27 जुलाई से अरशद उल कादरी का उर्स शुरू होगा, तैयारियाँ जारी।

जमशेदपुर : जमशेदपुर में अहले सुन्नत वल जमात के प्रवर्तक अल्लामा अरशद उल कादरी का उर्स 27 जुलाई से आरंभ होगा और यह 30 जुलाई तक चलेगा। इस उर्स में देश-विदेश से उलमा शामिल होंगे और कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर अल्लामा अरशद उल कादरी के सम्मान में विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। 30 जुलाई को कायदे अहले सुन्नत अवार्ड, फैजी अवार्ड और मदरसा के पूर्व छात्रों को एजाजी ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।

अल्लामा अरशद उल कादरी अपनी सेवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हैं। उन्होंने इस्लामी शिक्षा को व्यावहारिक बनाने के मिशन में अपने जीवन का एक-एक क्षण समर्पित किया। वह एक विचारक और महान विद्वान थे। अपने मिशन को पूरा करने के लिए उन्होंने इराक, ईरान, हॉलैंड, ब्रिटेन और नेपाल जैसे देशों का दौरा किया और वहां के कार्यक्रमों में भाग लिया। इसी कारण, अल्लामा अरशद उल कादरी के 25वें वार्षिक उर्स को सिल्वर जुबली के रूप में मनाया जाएगा। इस आयोजन की तैयारी के लिए जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों में उप समितियां बनाई जा रही हैं।

यह उल्लेखनीय है कि अल्लामा अरशद उल कादरी ने 1950 के दशक में धतकीडीह में मदरसा फैजुल उलूम की स्थापना की थी, जिसे बाद में पूर्वी भारत में इस्लामी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना दिया गया। यहां छात्रावास, विशाल पुस्तकालय, आधुनिक कंप्यूटर कक्ष, मिडिल हाई स्कूल और टेक्निकल इंस्टिट्यूट की स्थापना की गई है। वर्तमान में यह मदरसा डॉक्टर गुलाम जरकानी के नेतृत्व में संचालित हो रहा है और 25वां वार्षिक उर्स भी उनकी अध्यक्षता में होगा।

अल्लामा अरशद उल कादरी ने ‘जलजला’ नामक पुस्तक लिखी, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कई धार्मिक और सामाजिक पुस्तकें लिखीं, जिन्हें विदेशों में भी सराहा गया। ‘जलजला’ के प्रकाशन के बाद वह एक महान इस्लामी विद्वान के रूप में उभरे। ईरान-इराक युद्ध पर विशेष लेख लिखकर उन्होंने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर मदरसा फैजुल उलूम के मोहम्मद मुख्तार फैजी ने बताया कि जल्द ही क्षेत्रीय समितियों की एक बैठक अल्लामा गुलाम रसूल बलियावी की अध्यक्षता में होगी।

कार्यक्रम

27 जुलाई, सोमवार को छात्रों के बीच प्रतियोगिता।

27 जुलाई, सोमवार को कादरी बुक फेयर का उद्घाटन।

27 जुलाई को रस में परचम कुशाई।

28 जुलाई, मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सेमिनार।

29 जुलाई, बुधवार को नातिया मुकाबला जिसमें भारत के अलावा विदेशी शहर भी शामिल होंगे।

30 जुलाई, बृहस्पतिवार को 4:35 बजे कुल शरीफ का कार्यक्रम। रात को तकरीर और फैजी अवार्ड का वितरण तथा मदरसा से उत्तीर्ण छात्रों की दस्तार बंदी।

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