जमशेदपुर समाचार: 86 बस्तियों में जल कनेक्शन शुल्क पर उठे सवाल, UISL वसूली की जांच की मांग

जमशेदपुर में जल कनेक्शन शुल्क पर विवाद

जमशेदपुर: टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व जुस्को) द्वारा 86 बस्तियों में जल कनेक्शन इंस्टॉलेशन के लिए वसूले जा रहे शुल्क को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने जन विकास मंच के प्रमुख सौरभ विष्णु के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नामदा बस्ती, जेम्को, शांति नगर, बलराम बस्ती जैसे क्षेत्रों में जल कनेक्शन के लिए भिन्न-भिन्न दूरी होने के बावजूद उपभोक्ताओं से समान या अस्पष्ट शुल्क लिया जा रहा है।

शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल

लोगों का आरोप है कि कुछ घरों की दूरी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन से 20 फीट है, जबकि कुछ की दूरी 50 फीट, 120 फीट या उससे अधिक है। ऐसे में पाइप, सामग्री और श्रम लागत में भिन्नता होनी चाहिए। फिर भी, शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया और दरों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं में असमंजस और नाराजगी बढ़ रही है।

सौरभ विष्णु की प्रतिक्रिया

सौरभ विष्णु ने बताया कि 1996 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की मान्यता समाप्त होने के बाद भी नगर निकाय व्यवस्था में परिवर्तन नहीं आया है। वर्तमान में, टाटा स्टील यूआईएसएल 86 बस्तियों में जलापूर्ति, सफाई और अन्य बुनियादी सेवाओं का संचालन कर रही है, जिससे कंपनी और उसके अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

जांच की मांग

उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में उपभोक्ताओं से समान शुल्क वसूला जा रहा है, भले ही पाइपलाइन से दूरी में अंतर हो। इस संदर्भ में, सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआईएसएल के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जल कनेक्शन इंस्टॉलेशन शुल्क किस आधार पर तय किया जा रहा है और क्या सभी उपभोक्ताओं के लिए समान नियम लागू हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि 86 बस्तियों के लाखों निवासियों को जानने का अधिकार है कि जल कनेक्शन के लिए उनसे कितना शुल्क लिया जा रहा है और इसके निर्धारण के मानक क्या हैं। पारदर्शिता की कमी से अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसलिए, जनहित में इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की आवश्यकता है।

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