जमशेदपुर में पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन
हजारीबाग में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना के खिलाफ जमशेदपुर में प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के बैनर तले एक जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में शहर के कई पत्रकार और मीडिया कर्मी शामिल हुए, जिन्होंने इस घटना के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के नेतृत्व में सभी पत्रकार उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। पत्रकारों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को इस मामले में पत्रकार समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
मंत्री की माफी न होने पर बड़ा आंदोलन
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री ने जल्द माफी नहीं मांगी, तो उनका यह विरोध केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन का रूप ले लेगा। प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्रकारों ने मंत्री से सवाल पूछने का प्रयास किया, तब उनके समर्थकों ने अभद्रता और मारपीट की। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। मनोज सिंह ने यह भी बताया कि घटना के बाद से राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है।
पत्रकारों की आवाज को दबाने का विरोध
प्रदर्शन के दौरान प्रेस क्लब के महामंत्री विनय पूर्ति और कोषाध्यक्ष अजय महतो समेत अन्य पत्रकार भी मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि मीडिया लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यदि उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।