जामताड़ा: शतसाल नीचे टोला का सड़क के लिए हंगामा, ग्रामीण बोले- रोड नहीं, तो वोट नहीं

जामताड़ा के शतसाल नीचे टोला में बुनियादी सुविधाओं की कमी

जामताड़ा प्रखंड के गोपालपुर पंचायत स्थित शतसाल नीचे टोला के निवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। इस टोले की लगभग 600 की आबादी पक्की सड़क के अभाव में विकास की मुख्य धारा से पूरी तरह अलग-थलग है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब गांव की कच्ची सड़क दलदल में बदल जाती है।

सड़क की खराब स्थिति से आवागमन में कठिनाई

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही शतसाल नीचे टोला का संपर्क जिला मुख्यालय और आस-पास के क्षेत्रों से लगभग टूट जाता है। कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में गांव की स्थिति नरक से कम नहीं होती, जिससे दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

सड़क की अनुपस्थिति का सबसे बड़ा असर बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। कीचड़ भरे रास्तों के कारण कई बच्चे महीनों तक स्कूल नहीं जा पाते। इसके अलावा, अगर किसी को बीमारी होती है, तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। एम्बुलेंस या अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण मरीजों को खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

जनप्रतिनिधियों से निराश ग्रामीण

ग्रामीणों ने अपने जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव के समय नेता, विधायक और सांसद गांव आकर सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं। अधिकारियों से फोन पर कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी वादे हवा हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने समस्या उठाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top