📌 गांडीव लाइव डेस्क:
जेट फ्यूल की कीमतों में वृद्धि से भारतीय हवाई यातायात पर पड़ा असर
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान से जुड़ी घटनाओं के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव अब भारतीय हवाई यात्रियों पर पड़ने लगा है। हाल ही में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है।
फ्यूल सरचार्ज की जानकारी
एयरलाइन द्वारा मंगलवार को जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नया सरचार्ज 12 मार्च 2026 से लागू होगा और सभी नई बुकिंग पर लागू किया जाएगा। प्रत्येक घरेलू उड़ान टिकट पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज जोड़ा जाएगा। यह फ्यूल सरचार्ज सार्क देशों की उड़ानों, जैसे नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश आदि पर भी लागू होगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सरचार्ज में बढ़ोतरी
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। एयरलाइन ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है। पश्चिम एशिया के मार्गों के लिए 10 डॉलर, जबकि अफ्रीका के लिए कुल 90 डॉलर, जिसमें 30 डॉलर की वृद्धि शामिल है। इसी तरह, दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए 20 डॉलर की वृद्धि की गई है, जिससे कुल शुल्क 60 डॉलर हो गया है।
जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें
इस वृद्धि का मुख्य कारण जेट फ्यूल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी है। वैश्विक बाजार में, जेट फ्यूल की लागत 85-90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 150-200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, और कुछ स्थानों पर यह 225 डॉलर तक भी पहुंच गई है। यह स्थिति होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान और कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधाओं के कारण उत्पन्न हुई है।
एयरलाइन ने बताया कि ईंधन लागत अब ऑपरेटिंग खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, और बढ़ोतरी से बचने के लिए यह सरचार्ज आवश्यक हो गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बुकिंग जल्द करें, क्योंकि आने वाले समय में और वृद्धि की संभावना है। यह समाचार यात्रियों के लिए महंगी यात्रा का संकेत दे रहा है, खासकर उन के लिए जो घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना बना रहे हैं।