झारखंड में निकाय चुनाव जनवरी में घोषित, परिणाम मार्च में आएंगे

झारखंड में निकाय चुनाव की घोषणा जनवरी अंत में, मार्च में आएंगे नतीजे

झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू

रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारी जोरशोर से चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिए हैं कि जनवरी के अंत तक चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी 8 जनवरी को सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगी, जिसमें जमीनी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। जिन क्षेत्रों में कमी पाए जाने पर सुधार की प्रक्रिया 5 से 7 दिन में सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद चुनाव तिथि का प्रस्ताव मुख्य सचिव के माध्यम से राज्यपाल को भेजा जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया का समयसीमा

जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में राज्यपाल की मंजूरी मिलने की संभावना है। मंजूरी मिले तुरंत बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया अगले दिन से शुरू होगी, जिसमें उम्मीदवारों को नामांकन के लिए करीब एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस बार निकाय चुनाव एक ही चरण में ballots का उपयोग कर कराए जाएंगे, और आयोग का लक्ष्य 28 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया को समाप्त करना है।

उम्मीदवारों के लिए प्रचार का समय

उम्मीदवारों को प्रचार के लिए इस बार केवल 32 से 36 दिन का समय मिलेगा, जबकि सामान्यतः 40-45 दिन का समय दिया जाता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, 30 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया पूरी की जानी है, इसलिए समयसीमा को सख्त रखा गया है।

मतदान की संभावित तारीखें

होली 4 मार्च को है, और आयोग की योजना है कि मतदान और मतगणना इसी मौके के आसपास पूरी की जाए। मतदान की संभावित तारीखें 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच निर्धारित की जा रही हैं। मतदान के अगले दिन री-पोल की व्यवस्था की जाएगी, जबकि मतगणना 2-3 दिन बाद आयोजित की जाएगी।

बैलेट प्रणाली और मतगणना प्रक्रिया

मेयर और वार्ड पार्षद के लिए वोट एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा, जबकि वार्ड पार्षद का मत पत्र सफेद रंग का होगा। गणना के दौरान दोनों प्रकार के वोटों को अलग-अलग छांटा जाएगा, और फिर उनकी गिनती शुरू होगी।

मेयर-चैयरमैन के चुनाव की प्रक्रिया

मतगणना के 15 से 22 दिन के भीतर नगर निगम के मेयर और नगर परिषद-नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव संपन्न किया जाएगा। इसमें केवल निर्वाचित वार्ड पार्षद वोट डालेंगे। पहले उन्हें शपथ दिलाई जाएगी, और उसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।

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