झारखंड: इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “कितनी आहों से ठंडा होगा तेरा कलेजा?”

रांची में कांग्रेस का छात्र आंदोलन शुरू

रांची: कांग्रेस पार्टी ने देशभर के छात्रों की आवाज को एक मंच पर लाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एक राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन की शुरुआत की है। इस कड़ी में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी रांची पहुंचे। रांची प्रेस क्लब में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामलों पर तीखा प्रहार किया। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि वर्तमान में देश की शिक्षा व्यवस्था संकट में है, जिसके चलते कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी लगातार छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों से मुलाकात कर रहे हैं।

पेपर लीक से तनाव में 23 लाख छात्र

इमरान प्रतापगढ़ी ने NEET परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 23 लाख छात्र पेपर लीक के कारण मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में कई छात्रों ने इस भ्रष्ट व्यवस्था से निराश होकर आत्महत्या कर ली। इमरान ने शायरी के माध्यम से इस स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यह लचर सिस्टम उन छात्रों की मौतों का जिम्मेदार है।

सरकार की नीतियों पर सवाल

सांसद ने एयरफोर्स के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने के सरकार के निर्णय पर आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह एक कहावत की तरह है कि “गठरी बदलने से सामान नहीं बदलता।” उन्होंने यह भी कहा कि जब एक पेपर को सुरक्षित रूप से आयोजित करने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ती है, तो शिक्षा मंत्रालय के मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए।

सरकार में बैठे लोग जिम्मेदार

इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले लोग बाहर से नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम के अंदर से हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल छोटी मछलियों को पकड़कर खानापूर्ति कर रही है जबकि बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भले ही प्रधानमंत्री हर साल ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं, लेकिन जब 23 लाख छात्रों का भविष्य संकट में है, तो वे इस पर एक शब्द भी नहीं बोलते।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

इमरान ने बताया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर देश के 28 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रही है:

  1. पेपर लीक मुक्त परीक्षा: परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे।
  2. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बिना किसी बहाने के तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
  3. वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: हर प्रतियोगी और भर्ती परीक्षा का एक निश्चित वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए, ताकि छात्रों को समय-सीमा का पहले से पता हो।

उन्होंने बताया कि राहुल गांधी देश के विभिन्न शहरों में छात्रों से मिल रहे हैं। आगामी 9 अगस्त को छात्रों और युवाओं को दिल्ली आने का निमंत्रण दिया गया है, जहां वे ‘दिल्ली चलो’ के नारे के साथ संसद का घेराव करेंगे और सरकार को यह बताने का प्रयास करेंगे कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली अब बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

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