राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में असंतोष का उभार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में लंबे समय से चली आ रही असंतोष की स्थिति अब स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुने जाने को अदालत में चुनौती देते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। इसके साथ ही, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने संगठन में सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता को स्वीकार किया है। यह घटनाक्रम पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के कुछ महीनों बाद पार्टी के भीतर उभरती दरारों को उजागर कर रहा है।
कानूनी नोटिस की जानकारी
NCP के राष्ट्रीय सचिव और झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में 26 फरवरी को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में सुनेत्रा पवार के चुनाव को “अवैध” और “शून्य” घोषित करने की मांग की गई है। सच्चिदानंद सिंह ने आरोप लगाया कि सुनेत्रा पवार के चुनाव के दौरान पार्टी संविधान का उल्लंघन किया गया।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए
सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान कई आवश्यक संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जैसे स्वतंत्र केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की नियुक्ति और चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा। उन्हें अधिवेशन की औपचारिक सूचना नहीं दी गई और न ही चुनाव में भाग लेने का अवसर मिला। उनका दावा है कि उन्होंने अधिवेशन में उपस्थित होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया।
पार्टी नेतृत्व को समय सीमा
नोटिस में पार्टी नेतृत्व को 15 दिन का समय दिया गया है। इसमें यह मांग की गई है कि चुनाव आयोग को भेजे गए दस्तावेज वापस लिए जाएं और सुनेत्रा पवार के चयन को रद्द किया जाए। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्र केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का गठन किया जाए। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सच्चिदानंद सिंह ने अदालत और चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।
पार्थ पवार की बढ़ती भूमिका पर असंतोष
सूत्रों के अनुसार, अप्रैल में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद पार्थ पवार का पार्टी के संगठनात्मक मामलों में प्रभाव बढ़ा है। वह अपनी मां सुनेत्रा पवार की ओर से कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं, जिससे कुछ विधायक और पदाधिकारी असहज महसूस कर रहे हैं। पार्टी के कुछ सदस्यों का मानना है कि पार्थ पवार जनता के बीच सक्रिय नहीं रहते और संगठन का प्रभावी चेहरा बनने में सफल नहीं हो पाए हैं।
हाल ही में, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की, जिसमें यह मुद्दा भी चर्चा का विषय रहा।