रांची: झारखंड पुलिस बकरीद के त्योहार को शांति और सौहार्द के साथ मनाने के लिए पूरी तरह सतर्क है। 25 मई को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में, पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्र ने राज्य के सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत चर्चा की।
सोशल मीडिया और असामाजिक गतिविधियों पर ध्यान
बैठक के दौरान, DGP ने निर्देशित किया कि त्योहार के समय सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलती है, तो उसका तत्परता से सत्यापन किया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा, डीजे और साउंड सिस्टम के माध्यम से उत्तेजक गानों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी जारी किए गए।
संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी
DGP ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के सभी संवेदनशील स्थानों और हॉट स्पॉट्स की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और वीडियोग्राफी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। जिन जिलों में पहले सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:
दंगारोधी तैयारी: जिलों में दंगारोधी उपकरणों, वाटर कैनन और दंगारोधी वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
शांति समिति की बैठक: थाना और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर आम नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।
असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई: उपद्रवियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।
अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट: अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी पर रोक लगाई जाए।
लंबित वारंट: लंबित वारंट और कुर्की के मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (अभियान) टी. कंदसामी, विशेष शाखा के आईजी प्रभात कुमार, बोकारो के प्रक्षेत्रीय आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा और राज्य के सभी जिलों के एसपी और एसएसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।