झारखंड पुलिस ने विधानसभा सत्र में त्वरित उत्तर देने का निर्देश जारी किया

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने आगामी षष्ठम विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र 2026 के लिए सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी (रेल सहित), जैप डीआईजी और विभिन्न जिलों के एसएसपी को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। यह सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें पुलिस को सदस्यों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के उत्तर तत्काल और सही तरीके से देने होंगे।

विशेष कोषांग का गठन

पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि हर जिले और कार्यालय में एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा। इस टीम में दो अधिकारी प्रभारी होंगे, जबकि अन्य सदस्य फोन और ई-मेल की पूरी जानकारी मुख्यालय को भेजेंगे। इसका उद्देश्य विधानसभा में उठाए गए सवालों को समय पर जवाब देना है, जिससे किसी प्रकार की देरी न हो सके।

अपराध संबंधी आंकड़ों की तैयारी

सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा जिले से जुड़े **अपराध आंकड़े**, महत्वपूर्ण मामले और घटनाओं के बारे में सवाल पूछे जा सकते हैं। इसलिए, प्रत्येक जिले में पिछले छह महीने में हुए प्रमुख मामलों की एक अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखी जानी चाहिए, जिसमें आरोपियों की जानकारी और उनकी गिरफ्तारी की स्थिति भी शामिल होनी चाहिए।

सही जानकारी का प्रदान करना

यदि विधानसभा में थाना या पिकेट स्थापित करने के संबंध में सवाल उठाए जाते हैं, तो उन्हें सही तथ्यों के आधार पर उत्तर देना होगा। यह बताना भी जरूरी है कि उस क्षेत्र में थाने या पिकेट की आवश्यकता है या नहीं।

लंबित मामलों की रिपोर्टिंग

सभी लंबित मामलों और आश्वासनों की रिपोर्ट तीन दिनों के अंदर मुख्यालय को भेजनी होगी। विधानसभा में पूछे गए सवालों का उत्तर सीधे विभाग या विधानसभा को नहीं भेजा जाएगा, बल्कि यह केवल पुलिस मुख्यालय के माध्यम से भेजा जाएगा।

मुख्यालय से समन्वय की आवश्यकता

सत्र के दौरान विधानसभा कोषांग के प्रभारी अधिकारी संबंधित कार्यालय में मौजूद रहेंगे। मुख्यालय से आने वाले सवालों का उत्तर त्वरित ई-मेल या फैक्स के माध्यम से दिया जाएगा। सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और सत्र के सुव्यवस्थित संचालन में पूरी तरह से सहयोग देने का निर्देश दिया गया है।

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