झारखंड पुलिस: गांव-गांव जाकर ग्राम सभा में सुनेगी नागरिकों की समस्याएं

झारखंड में पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय की पहल

रांची: झारखंड राज्य सरकार ने पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी नियमित रूप से गांवों में जाकर ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनेंगे। यह निर्णय मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया है, और पुलिस मुख्यालय ने इसे राज्यभर में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ग्राम सभा की नियमित बैठकें

इस पहल के तहत, प्रत्येक 10 से 15 दिन के अंतराल पर ग्राम सभा की बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में ग्रामीण अपनी समस्याओं को सीधे पुलिस अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। इसके साथ ही, अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और पुलिस-जनता के बीच विश्वास को बढ़ाने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हाल ही में विधि-व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में कहा था कि ग्राम सभाओं के माध्यम से पुलिस की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई

इस नई व्यवस्था से अपराध और आपराधिक गतिविधियों की सूचनाएं समय पर पुलिस तक पहुंचाई जा सकेंगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी। पुलिस मुख्यालय इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर रहा है। इसे थाना और ओपी स्तर तक लागू करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को उनके व्यवहार और आचरण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

सोशल मीडिया और जागरूकता अभियान

अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में पुलिस की घटनाएं तेजी से फैलती हैं। इसीलिए, पुलिस के सकारात्मक कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में डायल-112 सहित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य माध्यमों से लोगों को आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।

शिक्षा संस्थानों में जागरूकता

इसके साथ ही, आपराधिक गिरोहों और साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और विशेष रूप से महिला कॉलेजों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और थानेदार नियमित रूप से भ्रमण करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि पुलिस और युवाओं के बीच विश्वास एवं समन्वय मजबूत हो सके।

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