झारखंड राजनीति: भाजपा ने हेमंत सरकार के खिलाफ उठाई बड़ी आवाज़

झारखंड विधानसभा में प्रस्ताव पर भाजपा का कड़ा विरोध

रांची। झारखंड विधानसभा द्वारा वीभी जी राम जी के खिलाफ पारित प्रस्ताव और उसे केंद्र सरकार को भेजने के निर्णय पर भाजपा ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता अजय साह ने इस कदम को जनविरोधी, राम विरोधी और विकास विरोधी बताया है।

तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप

साह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार विकास की दिशा में काम करने के बजाय राजनीतिक पूर्वाग्रह औऱ तुष्टिकरण की राजनीति में जुटी हुई है। जिसे कांग्रेस ऐतिहासिक बताने की कोशिश कर रही है, वह वास्तव में झारखंड के विकास को बाधित करने वाला फैसला है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा कानून में सुधार की प्रक्रिया के तहत तैयार किए गए नए प्रारूप का विरोध करना किसानों और गरीबों के खिलाफ जाना है। प्रस्ताव में 150 दिनों के रोजगार का उल्लेख यह दर्शाता है कि कांग्रेस खुद मानती है कि उसका 100 दिन का प्रावधान अपर्याप्त था।

अजय साह ने कहा कि मनरेगा की चर्चा होते ही झारखंड का नाम हमेशा घोटालों से जुड़ता है। उन्होंने कहा कि यहां के बड़े मनरेगा घोटालों में से एक के लिए जिम्मेदार आईएएस अधिकारी को हेमंत सरकार ने पुनः प्रशासन में शामिल कर लिया है।

संघीय ढांचे के खिलाफ चुनौती

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना यह दिखाता है कि झारखंड सरकार खुद को संविधान और भारत सरकार से ऊपर समझने लगी है। यह सीधे संघीय ढांचे के खिलाफ एक चुनौती है।

अजय साह ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से जुड़ाव के कारण आयुष्मान भारत योजना में हेमंत सरकार को मुश्किल हुई, अब राम शब्द से भी उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के फंड के उपयोग में अनियमितताओं के अलावा, वीभी जी राम जी जैसी योजनाओं को भी राजनीतिक दुर्भावना और भ्रष्टाचार का शिकार किया जा रहा है।

अंत में, अजय साह ने कहा कि हेमंत सरकार इस मुद्दे पर कांग्रेस के दबाव में काम कर रही है। भाजपा इस प्रकार के फैसलों का विरोध करती रहेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top