लातेहार: लातेहार जिले में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा, जिसे टाइगर जी और विनोद लोहरा के नाम से भी जाना जाता है, ने लातेहार पुलिस कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक पलामू प्रक्षेत्र, शैलेंद्र कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर उपस्थित थे।
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने सुरेंद्र लोहरा को माला पहनाकर और बुके भेंट कर समाज की मुख्यधारा में लौटने पर स्वागत किया। इसके साथ ही, सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत उन्हें पांच लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया गया। आईजी ने सुरेंद्र के परिवार, खासकर उसकी पत्नी को भी धन्यवाद दिया, जिनकी प्रेरणा से उन्होंने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय अन्य उग्रवादियों से भी अपील की कि वे सरकार की नई नीति का लाभ उठाते हुए हिंसा का मार्ग छोड़कर शांतिपूर्ण जीवन की ओर बढ़ें।
पिछले साल 23 उग्रवादियों ने किया था आत्मसमर्पण
आईजी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में कुल 23 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था, और वर्ष 2026 में भी इस दिशा में लगातार प्रगति हो रही है। हाल ही में 10 लाख रुपये के इनामी माओवादी मृत्युंजय भुईया और दो लाख रुपये के इनामी बबलू राम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि सुरेंद्र लोहरा पर लातेहार, चंदवा और हेरहंज थाना में आठ गंभीर आरोप दर्ज हैं। लगभग 20 वर्षों तक उग्रवादी गतिविधियों में संलग्न रहने के बाद उन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण की इच्छा व्यक्त की।

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