गढ़वा में प्रदर्शन और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर चर्चा
गढ़वा में हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने भविष्य में हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की संभावना पर चर्चा की। वक्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में यह धारणा गहरी होती जा रही है कि केवल मोटी रकम, जैसे कि 25 लाख या 30 लाख रुपये, देने पर ही नौकरी मिल सकती है। इस संदर्भ में, मंच ने इस कुप्रथा को समाप्त करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जिससे छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों को लेकर वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल विशेष के समर्थन में नहीं हैं।
राजनीतिक समर्थन पर स्थिति स्पष्ट
एक अन्य वक्ता ने मंच के राजनीतिक समर्थन के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के समर्थक नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को मानने वाले रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आंदोलन भाजपा समर्थित था, तो जब प्रदर्शनकारियों पर हमले हो रहे थे, तब भाजपा के लोग उनकी सहायता के लिए क्यों नहीं आए।