खामेनेई का पहली बार सख्त संदेश: ‘सीज़फायर नहीं, रक्तपात का बदला लिया जाएगा’

No ceasefire avenge bloodshed Khamenei first stern message after becoming Iran Supreme Leader

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अमेरिका से वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराया

नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ तनाव कम करने या युद्धविराम के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, दो मध्यस्थ देशों ने यह प्रस्ताव तेहरान को भेजा था, लेकिन खामेनेई का रुख अमेरिका और इजरायल के प्रति काफी सख्त और गंभीर था।

युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने की कसम

सुप्रीम लीडर बनने के बाद अपने पहले बयान में, खामेनेई ने युद्ध में मारे गए नागरिकों का बदला लेने की संकल्प लिया। उन्होंने घोषित किया कि ईरान अपने दुश्मनों से हर्जाना वसूल करेगा। अगर अमेरिका और इजरायल इस हर्जाने को देने से मना करते हैं, तो ईरान उनकी संपत्तियों को जब्त करने या उन्हें नष्ट करने तक नहीं हिचकेगा।

खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति पर सवाल

यह बयान उन किसी भी तरह की अटकलों के बीच आया है जो खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही हैं। कुवैती समाचार पत्र ‘अल-जरीदा’ ने जानकारी दी है कि उन्हें 28 फरवरी को एक हवाई हमले में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रूस भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्यक्तिगत तौर पर चिकित्सा सहायता देने का प्रस्ताव दिया।

इजरायल ने भी इस हमले में खामेनेई के घायल होने का दावा किया है। कुछ रिपोर्टें तो यह भी बताती हैं कि वह कोमा में हैं। इजरायल के विदेश मंत्री ने हाल ही में कहा कि कई दिनों से खामेनेई का चेहरा किसी ने नहीं देखा, जो ईरान के लिए शर्मिंदगी की बात है।

इस में खामेनेई का कड़ा रुख और इजरायल द्वारा उठाए गए कदम ईरानी स्थिति को दर्शाते हैं, जो कि तात्कालिक वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण बन गई है।

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