आओ देखें जरा किसमें कितना है दम

रांची। पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर सोमवार को राजधानी रांची में सियासी घमासान देखने को मिला। विरोध में सड़क पर उतरी भाजपा ने कांग्रेस भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश और दोनों ओर से हुई नारेबाजी के बीच रांची की सड़कों पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
खड़गे के बयान के विरोध में भाजपा ने रांची में आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध संबंधी तख्तियां लेकर भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़े।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी का विरोध करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। भाजपा कार्यकतार्ओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकतार्ओं का आक्रामक रुख देखने को मिला।
बैरिकेडिंग पर आमने-सामने आए दोनों दल : प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस भवन के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इलाके में बैरिकेडिंग कर भाजपा कार्यकतार्ओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग के पास तनाव बढ़ गया और उसे पार करने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने भी मोर्चा संभालते हुए भाजपा के खिलाफ जवाबी नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता कांग्रेस भवन की दीवारों और बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताते दिखे। दोनों तरफ से लगातार नारेबाजी और कार्यकतार्ओं की भीड़ जुटने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति को संभालने और दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा मजबूत किया।
सड़क पर सियासी शक्ति प्रदर्शन : खड़गे के बयान के विरोध में शुरू हुआ भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस भवन के बाहर दोनों दलों के शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
पुलिस की मौजूदगी के बीच हुए इस घटनाक्रम ने राजधानी रांची में सोमवार को सियासी हलचल तेज कर दी।

बाबूलाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक मयार्दा का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है।
मरांडी ने कहा कि जनता के बीच अपनी जगह बनाने के लिए अनर्गल बयानबाजी के बजाय जनहित के मुद्दों पर काम करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से अपने बयानों पर जवाब देने और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top