एचईसी कर्मियों के मूल सुविधाओं का अभाव, राष्ट्रपति व श्रम मंत्री को लिखा गया पत्र

एचईसी में श्रम कानूनों का उल्लंघन, श्रमिक नेता ने उठाई आवाज

रांची: हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने एचईसी में श्रम कानूनों के उल्लंघन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति, केंद्रीय श्रम मंत्री और श्रम मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप और मामले की जांच की मांग की है।

श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन

लालदेव सिंह ने आरोप लगाया कि एचईसी में सार्वजनिक क्षेत्र के लिए निर्धारित श्रम नियमों और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और ओवरटाइम भुगतान में भी अनियमितताएँ देखने को मिल रही हैं। इसके साथ ही, पीएफ और ईएसआई जैसी आवश्यक वैधानिक सुविधाओं के लागू करने में लापरवाही बरती जा रही है।

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पालन न होना

उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है और कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के सीएमडी और अन्य निदेशक एचईसी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, फिर भी श्रम कानूनों का पालन गंभीर चिंता का विषय है।

केंद्र सरकार से जांच की मांग

लालदेव सिंह ने कहा कि यह मामला कर्मचारियों के अधिकारों और उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका विश्वास है कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर एचईसी के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाएगी।

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