हार्दिक सिंह को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न की सिफारिश, अर्जुन पुरस्कार अनुपस्थित रहेगा

नई दिल्ली: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के उपकप्तान हार्दिक सिंह को 2025 के मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। चयन समिति ने बुधवार को अपनी बैठक में हार्दिक को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए एकमात्र सिफारिश के रूप में चुना। 27 वर्षीय हार्दिक मिडफील्ड के एक कुशल स्तंभ हैं और उन्होंने भारत की हालिया उपलब्धियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हार्दिक सिंह टोक्यो ओलंपिक 2021 और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे हैं। इस वर्ष एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अब तक भारत के लिए 164 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए 12 गोल किए हैं। उनकी खेल शैली में गति नियंत्रण और रणनीतिक समझ भारतीय हॉकी की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनती है।

यह पुरस्कार देश का सर्वोच्च खेल सम्मान मना जाता है, जिसमें मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं 25 लाख रुपये की राशि शामिल होती है। पिछले साल यह सम्मान चार खिलाड़ियों को मिला था, लेकिन इस बार केवल हार्दिक का नाम ही सिफारिश किया गया है।

अर्जुन पुरस्कार के लिए 24 खिलाड़ियों के नामों की सिफारिश

उसी बैठक में अर्जुन पुरस्कार के लिए 24 खिलाड़ियों के नामों की सिफारिश की गई। इनमें शतरंज की प्रतिभाशाली किशोरी दिव्या देशमुख, डेकाथलॉन एथलीट तेजस्विन शंकर, शूटिंग की मेहुली घोष और बैडमिंटन की जोड़ी ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। योगासन की आरती पाल को पहली बार इस पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। हॉकी से राजकुमार पाल और लालरेमसियामी भी अर्जुन पुरस्कार की सिफारिश में शामिल हैं। इस वर्ष किसी क्रिकेटर को इन पुरस्कारों के लिए नहीं चुना गया।

चयन समिति में भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एमएम सोमैया जैसे प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। हार्दिक की इस उपलब्धि से भारतीय हॉकी को नई प्रेरणा मिलेगी, जो ओलंपिक में लगातार पदक जीत रही है। यह सम्मान हार्दिक के समर्पण और टीम भावना का सच्चा प्रतीक है।

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