ममता कुलकर्णी का दावा: गाय की हत्या सभी धर्मों में वर्जित
डेस्क: पूर्व फिल्म अभिनेत्री और साध्वी ममता कुलकर्णी ने हाल ही में किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दिया है। इस दौरान उन्होंने धर्म और आध्यात्मिकता के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। ममता ने बताया कि गाय की हत्या न तो बाइबिल में उचित ठहराई गई है और न ही कुरान में। उनका कहना है कि गाय सभी धार्मिक मान्यताओं में मां के समान है और उसकी हत्या का कोई भी कारण नहीं होना चाहिए।
आध्यात्मिक अनुभवों का साझा
ममता कुलकर्णी ने अपने आध्यात्मिक अनुभवों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 25 वर्षों के ध्यान और तपस्या के बाद वह समाधि की अवस्था में पहुँच चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि का प्रशिक्षण और दर्शन देखा है। उनके अनुसार, एक ऐसा समय आने वाला है जब गाय दूध देना बंद कर देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे लोग पानी बर्बाद कर रहे हैं, वैसे ही गायों के साथ भी हो रहा है।
गाय के महत्व पर जोर
ममता ने कहा कि इस विषय पर सोचने की आवश्यकता है। गाय का दूध सभी के लिए आवश्यक है और मां की तरह उसकी पूजा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म में मां को ऊंचा दर्जा दिया गया है। यहाँ तक कि इस्लाम में भी अल्लाह से मां का तीन बार जिक्र किया गया है। उन्होंने चेताया कि अगर लोग अभी नहीं जागते हैं, तो समय बीत जाएगा।
मानवता के लिए चेतावनी
उन्होंने कहा कि आज की मानवता मानसिक रूप से विकृत हो चुकी है। उनका मानना है कि श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है कि जो कर्म हम करेंगे, उसका फल निश्चित तौर पर भोगेंगे। युद्ध और भूखमरी जैसी आपदाओं का कारण भी यही कर्म हैं। उन्होंने सभी को सलाह दी कि वे गाय को कोई नुकसान न पहुँचाएं और उसके प्रति सच्ची श्रद्धा रखें।