मन की बात: पीएम मोदी ने कच्छ के लोगों कि सराहना की, इमरजेंसी के दौर को भी किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। मन की बात कार्यक्रम का ये 102वां प्रसारण था. मन की बात कार्यक्रम महीने के आखिरी रविवार को होता है लेकिन इस बार ये आज 18 जून को ही किया गया. पीएम मोदी ने कहा, आमतौर पर ‘मन की बात’ हर महीने के आखिरी रविवार को आपके पास आती है, लेकिन इस बार यह एक हफ्ते पहले हो रही है.

पीएम मोदी ने आगे कहा, आप सभी जानते हैं, मैं अगले हफ्ते अमेरिका में रहूंगा और वहां कार्यक्रम काफी व्यस्त होने वाला है, और इसलिए मैंने सोचा कि मैं जाने से पहले आपसे बात कर लूं, इससे बेहतर क्या हो सकता है।

बिपरजॉय तूफान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दो-तीन दिन पहले हमने देखा कि देश के पश्चिमी हिस्से में कितना बड़ा चक्रवात आया. तेज हवाएं, भारी बारिश. कच्छ में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन कच्छ के लोगों ने जिस साहस और तैयारी के साथ इतने खतरनाक चक्रवात का मुकाबला किया, वह भी उतना ही अभूतपूर्व है.

उन्होंने कहा, कभी दो दशक पहले आए विनाशकारी भूकंप के बाद कच्छ को कभी न उबर पाने वाला कहा जाता था. आज वही जिला देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले जिलों में से एक है. मुझे विश्वास है कि कच्छ के लोग बिपरजॉय चक्रवात से हुई तबाही से तेजी से उबरेंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि २५ जून के काले दिन को भूल नही सकते। इस दिन आपातकाल थोपा गया था। उस दौरान लोकतंत्र के समर्थकों को यातनाएं दीं गईं। इन अत्याचारों पर बहुत सी पुस्तकें लिखी गई। मुझे भी एक किताब लिखने का मौका मिला था। टॉर्चर्स ऑफ पॉलिटिकल प्रिजनर्स इन इंडिया। एक किताब सामने आई है। इस किताब में बहुत कुछ लिखा है। मैं चाहूंगा की आज जब हम देश की आजादी के ७५ साल बना रहे हैं तो ऐसे अध्यायों के बारे मे भी लोगों को पता चले।

पीएम मोदी ने कहा, भारत ने संकल्प किया है 2025 तक टी.बी. मुक्त भारत बनाने का… लक्ष्य बहुत बड़ा ज़रूर है. एक समय था जब टी.बी. का पता चलने के बाद परिवार के लोग ही दूर हो जाते थे, लेकिन ये आज का समय है, जब टी.बी. के मरीज को परिवार का सदस्य बनाकर उनकी मदद की जा रही है।

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