नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मुकाबले की तैयारियों में भारतीय टीम, जिसका नेतृत्व गौतम गंभीर कर रहे हैं, पूर्ण जोर लगा रही है। हालांकि, मंगलवार को टीम इंडिया के अभ्यास सेशन ने एक दिलचस्प मोड़ ले लिया जब चंद्र ग्रहण के कारण खिलाड़ियों ने एक घंटे की देरी से अभ्यास शुरू किया।
भारतीय टीम का अभ्यास सत्र पहले शाम 6 बजे निर्धारित था, लेकिन इसे बढ़ाकर 7 बजे कर दिया गया। टीम के सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों को लगा कि चंद्र ग्रहण के दौरान, जो शाम 6:47 बजे से शुरू होने वाला था, अभ्यास करना अशुभ साबित हो सकता है। भारतीय खिलाड़ियों ने इस वर्ल्ड कप में अपनी धार्मिक आस्था का ध्यान रखा है; कप्तान सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और कोच गंभीर ने प्रमुख मंदिरों के दर्शन भी किए हैं।
वानखेड़े में पुरानी प्रतिद्वंद्विता
मुंबई का ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम एक बार फिर दो महान क्रिकेटिंग प्रतिद्वंद्वियों का गवाह बनेगा। यह लगातार तीसरा टी20 वर्ल्ड कप है जिसमें भारत और इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। पिछले दो संस्करणों में, 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि 2024 में भारत ने इंग्लैंड को मात दी। इस प्रतिद्वंद्विता ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह को बढ़ा दिया है।
जीत का दिलचस्प संयोग
इस सेमीफाइनल का एक सांख्यिकीय पहलू काफी रोचक है। पिछले दोनों संस्करणों में सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने अंततः वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता है। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराकर खिताब जीता, जबकि 2024 में भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में इंग्लैंड को हराया। ऐसे में गुरुवार के मुकाबले से यह तय हो सकता है कि इस साल का विश्व विजेता कौन बनेगा।
मैदान के आंकड़े और भारत का दबदबा
वानखेड़े स्टेडियम में भारत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। भारतीय टीम ने यहां खेले गए सात मैचों में से पांच में जीत हासिल की है। खास बात यह है कि दिसंबर 2017 के बाद से भारत यहां कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं हारा है। वहीं, इंग्लैंड का प्रदर्शन यहां औसत रहा है, जहां उन्होंने छह मैचों में से तीन जीते और तीन हारे हैं। घरेलू मैदान के अनुकूल माहौल और बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए भारत इस मुकाबले में आगे नजर आ रहा है।
सेमीफाइनल की तैयारी के लिए टीम इंडिया के पास केवल दो दिन का समय बचा है। चंद्र ग्रहण के कारण अभ्यास में हुई देरी के बाद, खिलाड़ी अब मैदान पर पूरी मेहनत से तैयारी कर रहे हैं। गौतम गंभीर की रणनीति इंग्लैंड की आक्रामक चुनौती को टक्कर देने पर केंद्रित है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में युवा और अनुभवहीन खिलाड़ियों का संतुलन भारत को खिताब के करीब ले जाने में मदद कर सकता है। पूरे देश की नजरें अब गुरुवार के इस महामुकाबले पर हैं।