रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दिखाई मानवता की मिसाल, बनाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’
रांची: राजनीति में अक्सर नेताओं पर आरोप लगते हैं कि वे घटनाओं के बाद केवल बयानबाजी करते हैं, लेकिन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मंगलवार को रांची में एक नई मिसाल पेश की। पंडरा इलाके में हुई गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद उन्होंने सक्रियता दिखाई, जिससे उनकी संवेदनशीलता की सराहना हो रही है।
संकट के समय बने ‘संकटमोचन’
पंडरा थाना क्षेत्र के ओटीसी ग्राउंड के निकट गोलीबारी की आवाज सुनते ही संजय सेठ ने बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचने का निर्णय लिया। यह घटना उनके आवास के निकट हुई थी, और उन्होंने केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक संरक्षक के रूप में कार्य किया।
तुरंत मौके पर पहुंचना: सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों को ढांढस बंधाया।
निजी सुरक्षाकर्मियों की मदद: गंभीर रूप से घायल भार्गव सिंह को उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों की सहायता से तत्परता से अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।
ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण: समय की महत्ता को समझते हुए, उन्होंने तुरंत पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय किया और शहर की भीड़-भाड़ के बीच ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार करवाया, ताकि घायल युवक को बिना किसी रुकावट के पारस अस्पताल पहुंचाया जा सके।
संवेदनशीलता और कड़ा रुख
संजय सेठ ने केवल घायल के इलाज की जिम्मेदारी ली, बल्कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को भी व्यक्तिगत रूप से सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उनके मानवीय दृष्टिकोण के साथ-साथ, उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के हौसले को कुचलना उनकी प्राथमिकता है।
जनता में सराहना
हालांकि घायल युवक की मौत हो गई, लेकिन स्थानीय निवासियों का मानना है कि अगर मंत्री जी ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई होती, तो वह अस्पताल तक भी नहीं पहुंच पाता। आज सुबह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास के पास एक युवक को दिनदहाड़े गोली मारी गई, जिसमें भार्गव सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक को पीछे से गोली मारी गई थी।