रांची में मॉनिटर लिजार्ड अंग तस्करी का पर्दाफाश, भाजपा नेता समेत तीन गिरफ्तार

रांची में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के अंग बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में राजीव रंजन मिश्रा (64), अविनाश आनंद (32), और अरुण राम शामिल हैं, सभी रांची के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं। इस कार्रवाई ने शहर में हलचल मचा दी है।

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, 14 मई की सुबह करीब 10 बजे यह जानकारी मिली कि मेन रोड स्थित नटराज होटल, डेली मार्केट के पीछे कुछ संदिग्ध व्यक्ति मौजूद हैं जो वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी की योजना बना रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तुरंत एक टीम का गठन किया और जांच शुरू की।

तलाशी के दौरान बरामदगी

दोपहर करीब 12:30 बजे टीम ने होटल परिसर में छापेमारी की और कमरे नंबर 203 की तलाशी ली। कमरे में तीन संदिग्ध व्यक्तियों की उपस्थिति पाई गई। जांच के दौरान एक काले प्लास्टिक बैग से लगभग 30 मॉनिटर लिजार्ड के अंग बरामद हुए, जिससे तस्करी का मामला उजागर हुआ।

आरोपियों का बयान और होटल प्रबंधन की जानकारी

पूछताछ में तीनों आरोपियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार किया। हालांकि, होटल प्रबंधन ने बताया कि कमरे नंबर 203 और 206 की बुकिंग पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम पर की गई थी।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

इसके बाद, वन विभाग ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर डोरंडा स्थित वन प्रमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में सुरक्षित पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है, जो कि एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहन जांच जारी है।

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