झारखंड में मानसून की सक्रियता, बारिश की संभावना
झारखंड में आज मौसम पूरी तरह से मानसूनी प्रभाव में रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश की भी संभावना है। विशेष रूप से दक्षिणी और पश्चिमी झारखंड में मौसम के प्रभाव अधिक देखने को मिल सकते हैं। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में तेज बारिश के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों, खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचें। खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
21 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा
आईएमडी के अनुसार, 15 अगस्त से शुरू हुआ सक्रिय मानसून 21 अगस्त तक बना रह सकता है। इस अवधि में पूरे राज्य में व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी झारखंड के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, हालांकि विभिन्न स्थानों पर बारिश की तीव्रता में भिन्नता देखने को मिलेगी। 17 अगस्त को मौसम और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 18 अगस्त को भी पूरे राज्य में इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। इसके बाद 19 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी। 20 और 21 अगस्त को भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने की उम्मीद है।
रांची और अन्य जिलों में सुहावना मौसम
लगातार बारिश और बादलों के कारण रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे हरियाली वाले क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना बना रहेगा। हालांकि, बीच-बीच में तेज बारिश और गरज-चमक लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। अगले चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसमें 17 और 18 अगस्त को सबसे अधिक बारिश होने के आसार हैं।
मानसून की सक्रियता, फिर भी बारिश में कमी
मानसून के सक्रिय रहने के बावजूद इस सीजन में झारखंड में अब तक सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से अब तक राज्य में 547.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप से 658.9 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। 24 जिलों में से 16 जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि 7 जिलों में सामान्य वर्षा और एक जिले में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी सिंहभूम में सर्वाधिक बारिश
राज्य में सर्वाधिक बारिश पश्चिमी सिंहभूम जिले में हुई है, जहां 872.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य 651.4 मिमी के मुकाबले 34 प्रतिशत अधिक है। सरायकेला-खरसावां में 6 प्रतिशत, सिमडेगा में 4 प्रतिशत और खूंटी में 2 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। रांची में 668.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से केवल 1 प्रतिशत कम है। वहीं, सबसे अधिक बारिश की कमी पाकुड़ (55%), गढ़वा (54%) और चतरा (53%) में दर्ज की गई है। इसके अलावा देवघर में 49 प्रतिशत, कोडरमा में 47 प्रतिशत, गिरिडीह में 42 प्रतिशत, पलामू में 35 प्रतिशत, हजारीबाग में 34 प्रतिशत, बोकारो में 33 प्रतिशत, गुमला और जामताड़ा में 27-27 प्रतिशत, रामगढ़ में 27 प्रतिशत, दुमका में 20 प्रतिशत, धनबाद में 19 प्रतिशत, साहिबगंज में 16 प्रतिशत, लातेहार में 13 प्रतिशत, लोहरदगा में 9 प्रतिशत तथा पूर्वी सिंहभूम में 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।