रांची में पेट्रोल बम से हमले का रहस्य: ISI के निर्देश पर TTH ने दुबई में बनाई योजना

झारखंड में सुरक्षा एजेंसियों को मिली सफलता, RSS कार्यालय पर हमले के आरोपी गिरफ्तार

रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में सुरक्षा और जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर इस साजिश के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस हमले की योजना भारत में नहीं, बल्कि दुबई में बनाई गई थी, जिसे रांची में लागू किया गया। इस मामले के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन टीटीएच से जुड़े नजर आ रहे हैं। एक आरोपी मुठभेड़ में घायल हो गया, जिसके बाद मांडर के घटनास्थल पर एसएसपी राकेश रंजन सहित कई अधिकारी पहुंचे।

दुबई कनेक्शन: साजिश का रहस्य

जांच एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक व्यक्ति पहले दुबई में काम करता था। दुबई में रहने के दौरान वह देश विरोधी तत्वों के संपर्क में आया। यहीं पर उसकी मुलाकात राना हुसैन उर्फ राना जी और शाहबाज आलम उर्फ भट्टी से हुई। जांच में यह भी सामने आया है कि राना हुसैन और शाहबाज आलम प्रतिबंधित संगठन टीटीएच से जुड़े हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि दुबई में इन हैंडलर्स ने आरोपी का ब्रेनवॉश किया और उसे रांची स्थित आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का विशेष टास्क देकर भारत भेजा।

ISI और विदेशी फंडिंग की गहन जांच

इस हमले के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका के मद्देनजर केंद्रीय और राज्य स्तर की जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता से कार्य कर रही हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट्स, और इंटरनेट गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने के लिए उनके बैंक खातों और विदेशी लेनदेन की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह संभावना जताई जा रही है कि दुबई में बैठे हैंडलर्स को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से निर्देश और धन मुहैया कराया गया था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के पीछे एक बड़ा स्थानीय नेटवर्क या स्लीपर सेल सक्रिय हो सकता है। पुलिस और सुरक्षा बल संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं ताकि मामले के मास्टरमाइंड और उनके सहयोगियों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई और चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।

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