नक्सली बंद का राज्य के पश्चिमी जिलों में मिलाजुला असर, वाहन परिचालन प्रभा वित


शहरी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य रहा, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बंद, पुलिस अलर्ट मोड पर

चतरा। लावालौंग में मुठभेड़ के दौरान पांच नक्सलियों के मारे जाने के विरोध में भाकपा माओवादी संगठन ने आज और कल 15 अप्रैल को पश्चिमी झारखंड और दक्षिणी बिहार बंद की घोषणा की है। नक्सली बंद के कारण कई जिलों में वाहनों के परिचालन प्रभावित हुई है। पश्चिमी झारखंड में चतरा, लोहरदगा, लातेहार और गुमला जिला में इस बंदी का प्रभाव देखा जा रहा है। नक्सल बंद को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से इन जिलों को अलर्ट किया गया है। पुलिस अलर्ट मोड पर है और पूरी चौकसी बरती जा रही है। हालांकि, इस बंद से प्रेस, दूध और एंबुलेंस वाहन को मुक्त रखा गया है। उधर, दक्षिणी बिहार के जिलों जिसमें गया, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, बांका तथा मुंगेर में भी इस बंद का असर देखा गया। दो दिवसीय बंद को लेकर नक्सली संगठन द्वारा गया के रौशनगंज थाना क्षेत्र में बिहार-झारखंड रिजनल कमेटी की ओर से पर्चा चिपकाया गया। भाकपा-माओवादी नक्सली संगठन ने गया के बांकेबाजार और रोशनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक पोस्टर चिपकाया था। इसी पोस्टर के माध्यम से नक्सलियों ने 14 और 15 अप्रैल को दक्षिण बिहार और पश्चिम झारखंड में दो दिवसीय बंद का आह्वान किया था। पोस्टर में झारखंड के चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में 3 अप्रैल को पुलिस मुठ•ोड़ में मारे गये पांच नक्सलियों के विरोध में बंदी की बात लिखी गयी है।

पोस्टर के माध्यम से बदला लेने की धमकी


नक्सलियों ने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उनका आरोप है कि उनके नक्सलियों साथियों को जानबूझकर मारा गया है। पोस्टर के माध्यम से उन्होंने बदला लेने की धमकी भी दी है। ज्ञात हो कि 3 अप्रैल को झारखंड के चतरा-पलामू सीमा पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने मिलकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के 25 लाख के इनामी नक्सली समेत 5 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। जिसमें गौतम पासवान समेत 5 नक्सली मारे गये थे। मारे गये नक्सलियों में 25-25 लाख रुपये के दो और 5-5 लाख रुपये के तीन इनामी नक्सली शामिल थे।

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