5,940 करोड़ रुपये के नए झरिया मास्टर प्लान से 15,080 परिवारों को मिलेगा सुरक्षित जीवन

झरिया मास्टर प्लान: 5,940 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक निर्णय

5,940 करोड़ रुपये के संशोधित झरिया मास्टर प्लान से 15,080 परिवारों को मिलेगा नया सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन।

भूमिगत आग से मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

झारखंड के धनबाद जिले में झरिया कोयलांचल में 1916 से जल रही भूमिगत कोयला आग और बार-बार होने वाले भू-धंसाव ने हजारों परिवारों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। इस पुरानी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 25 जून 2025 को संशोधित झरिया मास्टर प्लान को मंजूरी दी है।

योजना का वित्तीय विवरण और उद्देश्य

इस योजना के लिए कुल 5,940.47 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना आग बुझाने और भूमि स्थिरीकरण पर केंद्रित है, साथ ही प्रभावित परिवारों के चरणबद्ध पुनर्वास और उनकी सतत आजीविका को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसे देश के सबसे बड़े गैर-युद्धकालीन आंतरिक विस्थापन एवं पुनर्वास प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है।

प्रमुख लक्ष्य और पुनर्वास की प्रक्रिया

संशोधित झरिया मास्टर प्लान के तहत 81 अति-संवेदनशील आग-प्रभावित और भू-धंसाव वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन क्षेत्रों में से सबसे खतरनाक स्थानों से पुनर्वास की प्रक्रिया 2028 तक पूरी की जाएगी, जिसमें कुल 15,080 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इनमें 649 BCCL परिवार, 1,130 कानूनी रैयत परिवार और 13,687 अवैध कब्जाधारी परिवार शामिल हैं। अब तक 1,393 परिवारों को स्थानांतरित किया जा चुका है।

बेलगढ़िया टाउनशिप: पुनर्वास का नया मॉडल

पुनर्वास का मुख्य केंद्र बेलगढ़िया टाउनशिप है, जिसे झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह टाउनशिप 18,272 घरों का विशाल बस्ती है। प्रत्येक परिवार को 99 वर्ष की लीज पर पक्का मकान दिया जाएगा, जिसमें आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं जैसे सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज सिस्टम, स्कूल, और अस्पताल।

आजीविका पर जोर: स्थायी रोजगार का निर्माण

संशोधित प्लान में केवल आवास ही नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार सृजन पर भी ध्यान दिया गया है। प्रत्येक परिवार को 1 लाख रुपये का एकमुश्त लिवलीहुड ग्रांट मिलेगा, साथ ही संस्थागत ऋण के माध्यम से 3 लाख रुपये तक का वित्तीय सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं के लिए मल्टी-स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट्स के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण का प्रावधान है।

आग नियंत्रण में प्रगति

2009 के मूल मास्टर प्लान के बाद वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से सतही आग प्रभावित क्षेत्र को 17.32 वर्ग किमी से घटाकर 1.53 वर्ग किमी कर दिया गया है। 27 में से 17 आग स्थलों पर नियंत्रण पाया गया है। संशोधित प्लान में आग को पूरी तरह बुझाने और उसके पुनः भड़कने से रोकने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

झरिया की आग की पृष्ठभूमि

झरिया की आग पिछले 110 वर्षों से जल रही है, जिससे पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 2009 का मूल प्लान समय पर लागू नहीं हो सका, जिससे इसे संशोधित किया गया है। झारखंड सरकार और कोयला मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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