नीतीश कुमार JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए, कोई नामांकन नहीं मिला

नीतीश कुमार फिर बने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली। नीतीश कुमार को एक बार फिर से जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध रूप से चुना गया है। नामांकन के लिए सुबह 11 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन इस दौरान नीतीश कुमार के अलावा किसी अन्य नेता ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। इस स्थिति के कारण उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की अध्यक्षता सौंप दी गई है।

निर्वाचन प्रक्रिया का विवरण

जेडीयू की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अध्यक्ष पद के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार, 24 मार्च, 2026 को सुबह 11 बजे थी। समय खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का नामांकन ही शेष रहा। इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े, जो पूर्व सांसद रह चुके हैं, दोपहर 2:30 बजे नीतीश कुमार को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपेंगे।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति

इस मौके पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे। नीतीश कुमार के साथ जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने वाले संजय कुमार झा और श्रवण कुमार के अलावा बिहार एवं अन्य प्रदेशों से आए पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

नीतीश कुमार ने जेडीयू की एनडीए में वापसी से पहले पार्टी की कमान संभाली थी। दिसंबर 2023 में, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने जेडीयू के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उस समय पार्टी बिहार में महागठबंधन का हिस्सा थी और नीतीश कुमार इंडिया ब्लॉक के गठन की प्रक्रिया में जुटे थे। ललन सिंह के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली और कुछ ही समय में जेडीयू ने आरजेडी और महागठबंधन से संबंध तोड़कर बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को अपना लिया।

भविष्य की राजनीति के संकेत

हाल ही में, नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। अब जब वे जेडीयू के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभालेंगे, उनके बेटे निशांत कुमार ने भी राजनीति में कदम रखा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि निशांत को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, जबकि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

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