नीतीश कुमार पर महिला का नकाब हटाने का विवाद
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मुस्लिम महिला का नकाब हटाने के प्रयास के कारण चारों ओर से घिर गए हैं। वहीं, अब नीतीश की पार्टी जेडीयू के साथ साथ सत्तारूढ़ भाजपा के नेता भी उनके समर्थन में सामने आए हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की टिप्पणी ने बवाल खड़ा कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम नेता हिंदू महिला का घुंघट हटाने की कोशिश करता, तो भाजपा इसे बड़े विवाद का केंद्र बना देती।
उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
हिजाब विवाद और भाजपा की प्रतिक्रिया पर बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी से ऐसी स्थिति में और बेहतर की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि यदि किसी मुस्लिम नेता ने हिंदू महिला का घुंघट हटाया होता, तो भाजपा की प्रतिक्रिया अलग होती। उन्होंने कहा, “क्या आप भूल गए हैं कि अगर मेरी जगह पर ऐसा कोई भी मुस्लिम नेता होता, तो हंगामा मच जाता?”
गिरिराज सिंह का बचाव
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। पटना में हुई घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यक्ति नौकरी के लिए जा रहा है तो उसे अपना चेहरा दिखाना चाहिए। क्या यह कोई इस्लामिक देश है?” गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश ने एक अभिभावक की भूमिका निभाई। हालांकि, महिला द्वारा नौकरी स्वीकार करने से इनकार करने की खबरों पर उन्होंने कहा, “यह उसकी मर्जी है।”
उमर अब्दुल्ला की आलोचना
उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को भी नीतीश कुमार की आलोचना की थी। उन्होंने एक कार्यक्रम में पत्रकारों से कहा कि नीतीश अब धीरे-धीरे अपने असली रंग दिखा रहे हैं। अब्दुल्ला ने इस घटना को गलत बताया और कहा कि इसे किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनका कहना था, “यदि मुख्यमंत्री उस महिला को नियुक्ति पत्र नहीं देना चाहते थे, तो उन्हें उसे अलग रखकर ऐसा अपमान नहीं करना चाहिए था।”

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