5 दिनों में 12 से अधिक घटनाओं में एक निर्दोष की मौत, कई लोग घायल हुए » दृष्टि नाउ

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों से बढ़ते हमले

झारखंड में बच्चा चोरी और अपहरण की झूठी खबरें तेजी से सोशल मीडिया, विशेष रूप से व्हाट्सएप पर फैल रही हैं। इसके चलते राज्य के विभिन्न जिलों में निर्दोष लोगों पर भीड़ द्वारा हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले पांच दिनों में ही 12 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लोगों को संदेह के आधार पर पीटा गया। इनमें से एक घटना में एक व्यक्ति की निर्दोष रहने के बावजूद पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

राजधानी रांची का ताजा मामला 🚨

हाल ही में रांची के एडलहातु क्षेत्र में एक मामला सामने आया, जहां दो महिलाएं और एक पुरुष एक बच्चे के साथ ऑटो में यात्रा कर रहे थे। किसी ने उन पर बच्चा चोरी का आरोप लगाया, जिससे अफवाह फैल गई। बच्चे के रोने के कारण भीड़ ने ऑटो को रोककर तीनों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। प्रारंभिक जांच में किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की जांच जारी है।

असंवैधानिक हिंसा 🔥

चतरा जिले के पिपरवार में तीन दिन पहले, बच्चा चोरी के संदेह में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बाद में पुष्टि हुई कि वह बिल्कुल निर्दोष था। धनबाद के बाघमारा थाना क्षेत्र में भी एक similar स्थिति उत्पन्न हुई, जहाँ दो महिलाओं को भीड़ ने निशाना बनाया, लेकिन समय पर पुलिस ने बचाव किया।

बोकारो में 16 फरवरी को छह महिलाओं को बच्चा चोरी के आरोप में पीटा गया, परंतु पुलिस के हस्तक्षेप ने उनकी जान बचाई। जमशेदपुर, जामताड़ा, गिरिडीह, रामगढ़, लातेहार जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाएं घटित हो रही हैं।

पुलिस का स्पष्ट ब्यान 🛡

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये ज्यादातर अफवाहें व्हाट्सएप पर फॉरवर्ड किए गए संदेशों से फैल रही हैं, जो कि समाज में दहशत का कारण बन रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें और खुद न्याय करने से बचें।

ऐसी घटनाएं न केवल निर्दोषों की जान का खतरा पैदा कर रही हैं, बल्कि समाज में भय का माहौल भी बना रही हैं। पुलिस ने कई मामलों में समय पर हस्तक्षेप किया है, लेकिन अफवाहों पर नियंत्रण पाना अति आवश्यक है।

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