पटना में पप्पू यादव की गिरफ्तारी: 35 साल पुराने मामले में कार्रवाई
पटना: पुलिस ने देर रात राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के लिए उनके पटना स्थित आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई 1995 में दर्ज एक संपत्ति विवाद संबंधी मामले के अंतिम अदालती आदेश के अनुसार की गई।
मामले का सारांश
इस मामले को गर्दनीबाग थाना, पटना में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनसे धोखे से उनका मकान किराए पर लिया गया था। उन्होंने बताया कि इस मकान को बिना उनकी अनुमति के सांसद कार्यालय में बदल दिया गया और यह जानकारी किरायानामा के समय छुपाई गई थी।
एफआईआर में शामिल मुख्य बिंदु
- शिकायतकर्ता का कहना है कि मकान के किराए पर लेने में धोखा दिया गया।
- मकान का प्रयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया गया, जिसके लिए जानकारी और अनुमति प्राप्त नहीं की गई।
- वर्षों तक अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया।
- इसके बावजूद हाजिर न होने पर अदालत ने गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की का आदेश दिया।
- पुलिस इसी अंतिम आदेश का पालन करते हुए देर रात गिरफ्तारी के लिए उनके आवास पहुंची।