झारखंड में शहरी निकाय चुनाव का मार्ग प्रशस्त

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड में शहरी निकाय चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। राज्य आयोग ने पिछड़ा वर्ग के लिए ट्रिपल टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट शुक्रवार को नगर विकास विभाग को सौंप दी है। आयोग के सदस्य नंदकिशोर मेहता ने रिपोर्ट सौंपने की पुष्टि की।

लंबित चुनाव प्रक्रिया में गति

पिछले ढाई साल से लम्बित निकाय चुनाव से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को पूरा किया गया है, जिससे चुनाव की राह में बाधाएं कम हो गई हैं। नगर विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार दिसंबर या जनवरी में चुनाव कराने की योजना बना रही है।

हाई कोर्ट का आदेश

झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार को शहरी निकाय चुनाव आयोजित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया है। अदालत ने 14 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई रखते हुए मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है।

मिशन ट्रिपल टेस्ट की समीक्षा

राज्य सरकार अब ट्रिपल टेस्ट की रिपोर्ट पर कार्मिक, विधि एवं वित्त विभाग से विस्तृत समीक्षा करने जा रही है। प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद इसे कैबिनेट द्वारा स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा, और इसके बाद ही यह राज्य चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा।

रिपोर्ट की महत्वपूर्ण जानकारी

निर्धारित आरक्षण का स्पष्ट विवरण प्रदान करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची भी तैयार की जाएगी। इस प्रक्रिया को नवंबर के मध्य तक पूरा होने का अनुमान है, जिससे चुनाव दिसंबर से जनवरी तक कराना आसान होगा।

निकाय चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग आयोग ने 48 नगर निकायों में डोर-टू-डोर सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की है। संत जेवियर कॉलेज को अंतिम रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

सरकारी बजट का मुद्दा

राज्य सरकार को निकाय चुनाव कराने की अंतिम तिथि मार्च 2026 है। निर्धारित समय में चुनाव नहीं होने पर झारखंड को केंद्र से वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने बताया कि समय पर चुनाव कराने पर केंद्र से रोकी गई अनुदान राशि जारी होगी, जो कुल तीन वित्तीय वर्षों के लिए होगी।

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