पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर हुई वृद्धि
देशभर में महंगाई की चुनौती झेल रहे लोगों के लिए एक और नई परेशानी सामने आई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है।
हालात की गंभीरता
पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में यह चौथी वृद्धि होने से आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। नई दरों के लागू होने के बाद कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत भी लगातार बढ़ती जा रही है।
पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका सीधा प्रभाव भारत जैसे तेल आयातक देशों पर पड़ रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, रिफाइनिंग मार्जिन में कमी और रुपये की कमजोरी के कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है।
आम जनता पर बढ़ता बोझ
पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों पर नहीं, बल्कि आम जनता पर भी पड़ने वाला है। परिवहन लागत में वृद्धि के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इससे खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है।