बोकारो: सदर अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट ने ड्यूटी रूम में आत्महत्या की, पुलिस जांच शुरू।

बोकारो के सदर अस्पताल में फिजियोथैरेपिस्ट की आत्महत्या

बोकारो के कैंप-दो स्थित सदर अस्पताल में एक दुखद घटना हुई है, जहां फिजियोथैरेपिस्ट वीरेंद्र कुमार महतो ने गुरुवार रात को आत्महत्या कर ली। घटना का पता तब चला जब अस्पताल के गार्ड विशाल कुमार ने फिजियोथैरेपी कक्ष का दरवाजा खुला पाया। अंदर जाने पर उन्होंने वीरेंद्र को पंखे से लटका हुआ देखा। इस सूचना के बाद सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह और बीएस सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर आवश्यक जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है और शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वीरेंद्र महतो का परिचय

वीरेंद्र कुमार महतो गोमिया के निवासी थे और बोकारो के सेक्टर-1सी में अपने परिवार के साथ रहते थे। हाल ही में वे अपने पैतृक गांव गए थे। गुरुवार सुबह, उन्होंने सदर अस्पताल में अपनी ड्यूटी निभाई और सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक मरीजों का इलाज किया। इसके बाद, वे बाहर निकले, लेकिन घर नहीं पहुंचे। पुलिस के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे, वीरेंद्र दोबारा अस्पताल लौटे और फिजियोथैरेपी कक्ष में जाकर दरवाजा बंद कर लिया।

परिवार की चिंता और खोजबीन

देर रात तक घर नहीं लौटने पर उनके परिवार ने अस्पताल के कर्मचारियों से संपर्क किया। कर्मचारियों ने बीएस सिटी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वीरेंद्र के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, जिससे पता चला कि मोबाइल अस्पताल के आसपास सक्रिय था। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर में तलाश शुरू की और इसी दौरान गार्ड ने फिजियोथैरेपी कक्ष में उनका शव लटका हुआ देखा।

जांच की प्रक्रिया

पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वीरेंद्र शाम करीब 5:30 बजे अस्पताल में वापस आए। इसके अलावा, घटना से पहले उन्होंने मोबाइल के माध्यम से अपनी पत्नी के खाते में कुछ राशि ट्रांसफर की थी और उसके बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। बीएस सिटी थाना के इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

सिविल सर्जन का बयान

सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वीरेंद्र कुमार महतो एक शांत, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी तनाव में नहीं देखा गया, जिससे यह घटना सभी के लिए अत्यंत दुखद और आश्चर्यजनक है। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है।

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