सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की हुई मौत

गढ़वा | गढ़वा सदर अस्पताल के गाइनी विभाग में मरीजों के इलाज में लापरवाही का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ड्यूटी से चिकित्सक के गायब रहने तथा मरीजों से पैसे की उगाही के चक्कर में कुछेक नर्सों की मनमानी के मामले अक्सर ही सामने आते हैं। इसमें मरीजों की जान तक चली जाती है। लेकिन शोकाज व जांच के बाद कार्रवाई तक मामला पहुंचता ही नहीं है। गुरुवार को भी गाइनी विभाग में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती का समुचित इलाज के अभाव में मौत हो गई।

खरौंधी थाना क्षेत्र के करीवाडीह गांव निवासी उपेंद्र कुमार राम की पत्नी चंचला देवी को गुरुवार की सुबह 7:35 बजे प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। तब ड्यूटी में कोई भी चिकित्सक नहीं था। महिला का इलाज शुरु ही नहीं हुआ। इस बीच सुबह नौ बजे शिफ्ट बदलने पर प्रसव कक्ष में नर्स सरिता कुमारी व ममता कुमारी ड्यूटी पर आई। लेकिन तब भी कोई चिकित्सक ड्यूटी में नहीं आया। मरीज के स्वजनों की मानें तो मिन्नतें करने के बाद भी दोनों नर्सों ने चिकित्सक को नहीं बुलाया। जबकि नार्मल डिलेवरी करा देने का भरोसा देती रही। इस दौरान सुबह करीब 10 बजे गाइनी ओपीडी में ड्यूटी करने पहुंची डा.माहेरू यमानी ने प्रसव कक्ष में जाकर महिला की जांच की। तब उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। इसके कुछ ही देर में चंचला देवी की मौत हो गई। इसके बाद मृतका की सास रुदा कुंवर पति स्व रामचंद्र राम ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही के कारण उसकी पतोहू की मौत हो गई।

दो दिन पहले भी नर्स सरिता कुमारी एवं ममता कुमारी के विरुद्ध प्रसव कराने में प्रसूता के स्वजन से 3000 रुपये लेने का आरोप लगा है। जबकि उक्त नर्स ने महिला होमगार्ड के नाम पर भी उसी मरीज के स्वजन से 400 रुपये ले लेने पर होमगार्ड एवं नर्स सरिता कुमारी के बीच मारपीट भी हो गई थी। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन ने नर्सों के विरुद्ध शोकाज भी किया था। लेकिन इनकी मनमानी पर विराम ही नहीं लग रहा है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top