प्रियंका की सीरीज में ग्लैमर तो है, पर कहानी कमजोर है

सिटाडेल सीज़न 2: एक नई यात्रा की शुरुआत

नई दिल्ली। लोकप्रिय सीरीज़ ‘सिटाडेल’ का दूसरा सीज़न OTT प्लेटफॉर्म्स पर लौट आया है। यह सीज़न एक बार फिर भारी बजट, अंतरराष्ट्रीय स्तर और स्टाइलिश एक्शन के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया है। प्रियंका चोपड़ा और रिचर्ड मैडेन द्वारा अभिनीत इस सीरीज़ की दृश्यता तो शानदार है, लेकिन कहानी और भावनात्मक जुड़ाव के मामले में यह कुछ हद तक कमजोर नजर आती है।

कहानी की शुरुआत

दूसरे सीज़न की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पहला सीज़न खत्म हुआ था। इस बार एक बड़ा मोड़ सामने आता है जब पता चलता है कि सिटाडेल का असली गद्दार मेसन केन (काइल) है, जिसने अपनी मां दाहिला के लिए एजेंसी की गुप्त जानकारी लीक की थी। इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि नादिया सिन इस धोखे के बारे में जानने पर क्या कदम उठाएगी।

कहानी में ट्विस्ट लेकिन पकड़ कमजोर

कहानी में कई फ्लैशबैक और टाइमलाइन शिफ्ट शामिल हैं, जो कभी-कभी दर्शकों को भ्रमित कर देते हैं। नादिया अपनी बेटी आशा के साथ शांत जीवन जीने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्पाई दुनिया उसे फिर से खींच लाती है। बर्नार्ड ऑर्लिक, मैन्टिकोर और पाउलो ब्रागा जैसे किरदारों के बीच कहानी आगे बढ़ती है, लेकिन भावनात्मक कनेक्शन की कमी स्पष्ट है।

एक्शन और विजुअल्स

सीरीज़ का एक प्रमुख आकर्षण इसका भव्य पैमाना और स्टाइलिश प्रस्तुति है। लोकेशंस, कैमरा वर्क और एक्शन सीक्वेंस देखने में बेहद आकर्षक हैं, फिर भी कई जगह ये रिपीटेड और प्रेडिक्टेबल प्रतीत होते हैं। जहां एक्शन में रोमांच होना चाहिए था, वहां कहानी कई बार कमजोर पड़ जाती है।

प्रियंका चोपड़ा का अभिनय

इस सीज़न में प्रियंका चोपड़ा की परफॉर्मेंस सबसे मजबूत है। नादिया सिन के किरदार में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस सीरीज़ को मजबूती प्रदान करती है। हालांकि कमजोर स्क्रिप्ट के बावजूद, वह अपने अभिनय से कई दृश्यों को प्रभावी बना देती हैं। रिचर्ड मैडेन का किरदार दिलचस्प होने के बावजूद पूरी तरह से उभर नहीं पाता।

इमोशन और थ्रिल का संतुलन

सीरीज का एक महत्वपूर्ण कमजोर पहलू यह है कि यह न तो एक गहन स्पाई थ्रिलर बन पाती है और न ही एक भावनात्मक फैमिली ड्रामा में गहराई तक जाती है। दोनों के बीच संतुलन बिगड़ने के कारण कहानी कई जगह धीमी और खींची हुई लगती है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रतिस्पर्धा

आज के दर्शकों के लिए जब उन्होंने कई बेहतरीन स्पाई और एक्शन ड्रामा देखे हैं, ‘सिटाडेल’ का दूसरा सीज़न अपनी पॉलिश्ड लेकिन हल्की कहानी के कारण उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाता।

निष्कर्ष

‘सिटाडेल’ सीज़न 2 एक स्टाइलिश, उच्च बजट और दृश्यात्मक रूप से आकर्षक सीरीज़ है, लेकिन मजबूत कहानी और गहरे भावनात्मक कनेक्शन की कमी इसे औसत स्पाई ड्रामा से आगे नहीं बढ़ने देती। अगर आप केवल ग्लोबल स्तर का एक्शन और ग्लैमर देखना चाहते हैं, तो इसे एक बार देखा जा सकता है। हालांकि, यदि आप मजबूत कहानी और तेज थ्रिल की अपेक्षा रखते हैं, तो यह सीरीज़ आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं करेगी।

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