कोडरमा: अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुनना एक लड़की को काफी महंगा पड़ा। झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के बेहराडीह गांव में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया। यह घटना तब घटी जब पिता अपनी बेटी की लव मैरिज से नाराज हो गए और समाज को बुलाकर उसका श्राद्धकर्म भी कराया।
गांव के ही युवक से था प्रेम
जानकारी के अनुसार, बेहराडीह गांव में रहने वाली राजू मेहता की बेटी सुनैना कुमारी का गांव के युवक राजा मेहता के साथ प्रेम संबंध था। दोनों को पता था कि उनके परिवार वाले इस शादी के लिए कभी सहमत नहीं होंगे। इसलिए, उन्होंने घर छोड़कर आपस में शादी कर ली। शादी के बाद सुनैना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अपनी मर्जी से और बिना किसी दबाव के यह शादी की है।
परिवार ने तोड़े रिश्ते
बेटी के इस कदम से परिवार के लोग इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने इसे खानदान की इज्जत और परंपरा के खिलाफ माना। इस गुस्से में आकर परिवार ने अपनी बेटी से हमेशा के लिए संबंध तोड़ने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने बताया कि पिता ने अपनी बेटी को मृत मान लिया और डोमचांच के राजदाहा घाट पर जाकर पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार और श्राद्धकर्म किया। इस दौरान परिवार के कुछ सदस्य और गांव के लोग भी वहां उपस्थित थे।
क्षेत्र में चर्चा का विषय
इस अनोखी और चौंकाने वाली घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग इस पर विभिन्न राय रख रहे हैं। कुछ व्यक्तियों का मानना है कि बेटी के इस कदम से माता-पिता को गहरा सदमा लगा, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया। वहीं, कुछ जागरूक लोग यह कहते हैं कि आज के दौर में जब हर बालिग को अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार है, ऐसी रूढ़िवादी सोच समाज के पिछड़ेपन को दर्शाती है।
यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में बच्चों की आजादी, उनकी पसंद और पुरानी सामाजिक सोच के बीच कितना बड़ा टकराव है। यह घटना पूरे जिले में लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।