स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताएं बताएं, मंत्री इरफान अंसारी से सवाल पूछीं राफिया नाज।

झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां

रांची:

चाईबासा में दर्दनाक घटना

चाईबासा में एक पिता को अपने बच्चे का शव थैले में लेकर अस्पताल जाना पड़ा, जो कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर समस्याओं को उजागर करता है। यह घटना अकेली नहीं है; राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा को दर्शाने के लिए यह एक चौंकाने वाला उदाहरण है। झारखंड की जनता आज भी उस दृश्य को नहीं भुला पाई है, जब एक पिता को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा।

अस्पतालों की स्थिति

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। कई अस्पतालों में संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उदाहरण के लिए, कुछ अस्पतालों में एक ही बेड पर दो महिलाओं का इलाज किया गया है। इसके अलावा, कई जगहों पर बिजली के अभाव में ऑपरेशन टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में किए गए हैं।

एंबुलेंस सेवा की कमी

गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि एंबुलेंस की उपलब्धता नहीं है। इस स्थिति के कारण कई मामलों में समय पर इलाज न मिल पाने के चलते जानें भी चली गई हैं। ये घटनाएं झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को बयां करती हैं, जो किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं हैं।

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