राहुल गांधी का लखनऊ में बड़ा बयान: कांग्रेस गरीबों की पार्टी, नेता धनवान

राहुल गांधी का बड़ा बयान: कांग्रेस गरीबों की पार्टी

लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी पार्टी को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक गरीबों की पार्टी है, हालांकि पार्टी के कई नेता आर्थिक दृष्टि से संपन्न हैं।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया, “हम अमीर पार्टी नहीं बनना चाहते। यदि ऐसा हुआ, तो कांग्रेस भाजपा की तरह हो जाएगी।” उन्होंने पार्टी की जड़ों को याद करते हुए बताया कि इसका ढांचा महात्मा गांधी के समय से स्थापित है, जो हमेशा गरीबों और वंचितों की पहचान बनते रहे हैं।

कांशीराम की जयंती पर सम्मेलन में कांग्रेस की कमियां

कांशीराम की जयंती पर राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की कमजोरियों पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कुछ नाकामियों के कारण बहुजन आंदोलन को मजबूती मिली और कांशीराम को राजनीतिक सफलता हासिल हुई।

उन्होंने जोड़ा कि यदि कांग्रेस ने सामाजिक बदलाव के लिए तेजी से कदम उठाए होते, तो शायद कांशीराम को इतनी बड़ी पहचान नहीं मिलती।

बदलाव के लिए संघर्ष की आवश्यकता

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति में बदलाव केवल इच्छाशक्ति से नहीं होता, इसके लिए विचारों के लिए संघर्ष आवश्यक है। वे बोले कि जब तक लोग अन्याय को स्वीकार नहीं करेंगे और उसके खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक समाज में बदलाव असंभव है।

संविधान और वर्तमान सरकार की आलोचना

संविधान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में प्राचीन सभ्यता की आवाज़ शामिल है और इसकी आत्मा सामाजिक न्याय और समानता की है। वर्तमान सरकार की नीतियों पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह इस मूल भावना को नकार रही है।

अंबेडकर और कांशीराम का संघर्ष

अपने भाषण में उन्होंने बी. आर. अंबेडकर और कांशीराम के संघर्षों का जिक्र किया। राहुल गांधी ने बताया कि अंबेडकर ने शिक्षा और संगठन के माध्यम से समाज को नई दिशा दी, जबकि कांशीराम ने बिना समझौता किए अपने सिद्धांतों के लिए संघर्ष किया।

ऊर्जा नीति पर सरकार पर आरोप

राहुल गांधी ने भारत की ऊर्जा नीति को लेकर प्रश्न उठाए। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर आरोप लगाया कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते भारत की ऊर्जा नीतियों में बाधा आ रही है।

समाज में असमानता का मुद्दा

राहुल गांधी ने समाज में बढ़ती असमानता पर ध्यान दिलाया, जहाँ 15 प्रतिशत लोग अन्य 85 प्रतिशत पर हावी हो रहे हैं, और संसाधनों तथा अवसरों का लाभ केवल एक सीमित वर्ग तक पहुंच रहा है।

2027 चुनाव की तैयारी

कार्यक्रम के अंत में, उन्होंने समाज में बदलाव के प्रति लगन की बात की और बताया कि सभी के योगदान वाली राजनीति ही देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि हाल में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रदर्शन कर चुका है, और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए इसी रणनीति पर काम कर रहा है।

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