रामगढ़ डीसी की संपत्तियां और सरकारी वाहन होंगे कुर्क, कोर्ट का आदेश क्यों?

रामगढ़: झारखंड में एक अनोखा मामला सामने आया है जिसमें किसी जिले के उपायुक्त से संबंधित चल संपत्तियों और सरकारी वाहनों की कुर्की का आदेश अदालत ने दिया है। यह मामला भूमि अधिग्रहण के लिए दिए गए मुआवजे के भुगतान में देरी से संबंधित है। रामगढ़ की सिविल कोर्ट ने लंबे समय से बकाया राशि के भुगतान न होने पर सख्त रुख अपनाया है। रामगढ़ के सिविल जज सीनियर डिवीजन-II सह स्पेशल जज (एलए) शिवेन्दु द्विवेदी की अदालत ने लगभग 2 करोड़ 20 लाख 12 हजार 247 रुपये 67 पैसे की बकाया राशि की वसूली के लिए उपायुक्त से संबंधित चल संपत्तियों और सरकारी वाहनों की कुर्की का आदेश जारी किया है। अदालत ने बैलिफ को कुर्की वारंट का तामिला करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है।

21 साल पहले आया था, अब तक नहीं हुआ पूरा भुगतान

यह मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 01/88, लैंड अधिग्रहण केस संख्या 12/85-86 और लैंड अधिग्रहण एग्जीक्यूशन केस संख्या 02/2017 से जुड़ा हुआ है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि वर्ष 2005 में पारित अवार्ड के अनुसार प्रभावित भूमि मालिकों को मूल मुआवजा राशि के साथ 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाना था। हालांकि, इतने वर्षों बाद भी संपूर्ण राशि का भुगतान नहीं किया गया है। अदालत के अनुसार अब भी 2,20,12,247.67 रुपये बकाया हैं, जिनकी वसूली के लिए कुर्की की कार्रवाई आवश्यक हो गई है।

बैलिफ को सौंपा गया कुर्की वारंट, 8 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट

अदालत ने अपने आदेश में बैलिफ को निर्देश दिया है कि वह उपायुक्त से संबंधित सरकारी गाड़ियों और अन्य चल संपत्तियों की कुर्की वारंट का तामिला करे और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कुर्की वारंट के निष्पादन की रिपोर्ट 8 जुलाई 2026 तक प्रस्तुत की जाए। यह कुर्की वारंट 29 जून को जारी किया गया था।

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