रांची नगर निगम का टैक्स कलेक्शन पहली बार 100 करोड़ रुपये को पार किया

रांची : रांची नगर निगम ने शहरी वित्तीय प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष निगम का प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह पहली बार 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। 2013 में जहां यह आंकड़ा लगभग 5 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 101.99 करोड़ रुपये हो गया है। इसे निगम की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।

6 महीने के अभियान का मिला बड़ा नतीजा

नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले 6 महीनों से एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा था। इसी के परिणामस्वरूप मंगलवार को लगभग 1.59 करोड़ रुपये जमा किए गए। इस अभियान में नगर आयुक्त ने स्वयं सक्रिय भूमिका निभाई और लगातार मॉनिटरिंग की।

ऑनलाइन पेमेंट ने भी बढ़ाया कलेक्शन

इस बार डिजिटल प्रणाली का योगदान भी उल्लेखनीय रहा। लोगों ने लगभग 23 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा किए, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों में बढ़ोतरी हुई। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया और संग्रह में तेजी आई।

कैसे बढ़ा टैक्स कलेक्शन

नगर निगम ने कई स्तरों पर कार्य किया, जिसका सीधा प्रभाव राजस्व पर पड़ा। शहर में डोर टू डोर सर्वे और सत्यापन किया गया, जिससे छूटे हुए और अज्ञात होल्डिंग्स की पहचान संभव हुई। प्रत्येक वार्ड के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग की गई। बड़े बकायेदारों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से रियल टाइम ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई। नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए गए, जिससे टैक्स बेस को मजबूत किया गया और संग्रह में वृद्धि हुई।

हर साल बढ़ता गया आंकड़ा

नगर निगम का संग्रह पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ता रहा है:

  • 2020-21: 51.35 करोड़
  • 2021-22: 58.03 करोड़
  • 2022-23: 67.78 करोड़
  • 2023-24: 69.71 करोड़
  • 2024-25: 83.57 करोड़
  • 2025-26: 101.99 करोड़

यह दर्शाता है कि निगम की रणनीतियाँ लगातार प्रभावी साबित हो रही हैं।

संपत्तियों की संख्या और दक्षता में बढ़ोतरी

संपत्तियों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई है। पहले लगभग 1 लाख होल्डिंग्स थीं, अब यह संख्या बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इसके साथ ही टैक्स संग्रह की दक्षता लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

शहर के विकास पर दिखेगा असर

राजस्व में वृद्धि से अब शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। सफाई, पानी, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। नगर आयुक्त ने कहा कि भविष्य में जीआईएस मैपिंग और डेटा बेस्ड सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि संग्रह और अधिक पारदर्शी हो सके।

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