रांची पुलिस ने सरहुल शोभायात्रा के दौरान पेश की मानवता की मिसाल
रांची: सरहुल शोभायात्रा के अवसर पर रांची पुलिस ने एक बच्चे की मदद कर मानवता की एक उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की। कचहरी चौक के निकट, एक मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया, जिसे पुलिस ने पूरी रात सुरक्षित रखा और अगले दिन उसके परिजनों से मिलवा दिया।
भीड़ में बिछड़ गया मासूम
सरहुल जुलूस के दौरान कचहरी चौक पर भारी भीड़ मौजूद थी, इसी बीच एक छोटा बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया। बच्चे को अकेले देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा दिया।
सीसीआर कंट्रोल में रखा सुरक्षित
पुलिस ने तुरंत बच्चे को सीसीआर कंट्रोल रूम में सुरक्षित रखा और उसकी पहचान तथा परिवार की खोजबीन शुरू की। वायरलेस के माध्यम से, सभी थानों और सोशल मीडिया पर बच्चे के परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया गया।
रातभर तलाश करते रहे परिजन
इस बीच, बच्चे के परिजनों ने उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन भारी भीड़ के कारण उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। अंततः वे मायूस होकर घर लौट गए। अगले दिन सुबह लगभग 10 बजे मोहल्ले के लोगों से उन्हें बच्चे की स्थिति की जानकारी मिली।
दादी और मौसी पहुंचीं कंट्रोल रूम
सूचना मिलने के बाद बच्चे की दादी और मौसी तुरंत सीसीआर कंट्रोल रूम पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बच्चे की मां का निधन हो चुका है और पिता बीमार हैं। जुलूस के दौरान बच्चा उनसे बिछड़ गया था।
पुलिस ने घर तक पहुंचाया
शुरुआत में बच्चा दादी और मौसी के साथ जाने में हिचकिचा रहा, लेकिन वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली और गोंदा थाना की टीम ने बच्चे और उसके परिजनों को पुलिस वाहन से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया।
पिता से मिलते ही खुश हुआ बच्चा
घर पहुंचने के बाद बच्चे की मुलाकात उसके बीमार पिता से कराई गई। आवश्यक जांच के बाद बच्चे को उसके परिवार के हवाले कर दिया गया। अपने परिवार से मिलकर बच्चा अत्यंत खुश नजर आया।
पुलिस की पहल की सराहना
इस पूरे घटनाक्रम में रांची पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की स्थानीय लोगों ने सराहना की। बच्चे के परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि समय पर सहायता नहीं मिलती, तो बच्चे को पुनः पाना बहुत मुश्किल होता।

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