जयंती पर याद किये गये महानायक क्रांतिवीर शहीद रघुनाथ महतो


रघुनाथ के गौरवगाथा को सरकार इतिहास में समुचित स्थान दे : केशव

रांची। रघुनाथ चुआड़ सेना रांची की ओर से महानायक क्रांतिवीर शहीद रघुनाथ महतो की 285वीं जयंती मनाई गई। लोवाडीह स्थित शहीद रघुनाथ महतो की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो ने देश की आजादी में अंगे्रजों को नाको चने चबा दिये थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकुमत के विरुद्ध प्रथम संगठित जनविद्रोह चुआड़ विद्रोह किया था। अंग्रेजों के जुल्म और महाजनों के शोषण के खिलाफ किसान वर्ग का नेतृत्व करते हुए उन्होंने विद्रोह का बिगुल फुंका था। केशव महतो कमलेश ने कहा कि 21 मार्च 1738 को नीमडीह थाना अंतर्गत रघुनाथपुर के घुटियाडिह गांव में जन्मे रघुनाथ महतो विद्रोह के दौरान 05 अप्रैल 1778 को सिल्ली के किता-लोटा गांव में अंग्रेजों की गोली से शहीद हुए थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहे। शहीद रघुनाथ महतो को जितना सम्मान मिलना चाहिए था वह उन्हें नहीं मिला। इसलिए झारखंड सरकार से मांग है कि शहीद की गौरवगाथा को इतिहास में समुचित स्थान देने का काम करें। राजभवन स्थित मूर्ति गार्डेन में शहीद रघुनाथ महतो की प्रतिमा स्थापित कर उचित सम्मान देने का काम करें। शहीद रघुनाथ महतो को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से महीपाल, रतन महतो, जितेन्द्र, अमर महतो, जगतपाल, ललित कुमार, भागवत कुमार, संतोष, गुरुचरण, कमलाकांत, हेमंत, हरिदास, रतन सत्यर्थी, अंगद नायक, विदेशी महतो, मनोरंजन कुमार, धनेश्वर और बुद्धेश्वर कुमार आदि शामिल थे।

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