हावड़ा-हटिया क्रियायोगा एक्सप्रेस में यात्रियों के बीच हड़कंप
रांची: हावड़ा-हटिया क्रियायोगा एक्सप्रेस में गत दिनों एक गंभीर घटना घटित हुई, जब दो युवकों ने चलती ट्रेन में अवैध देशी पिस्तौल लहराकर यात्रियों को डराने का प्रयास किया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तत्परता से दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे एक देशी पिस्तौल और 7.65 एमएम का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। रांची मंडल के आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सुरक्षा जांच का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को ट्रेन संख्या 18615 में चांडिल से हटिया के बीच आरपीएफ की एस्कॉर्टिंग ड्यूटी चल रही थी।
कीता स्टेशन पर मची अफरा-तफरी
आरपीएफ की टीम ने कीता रेलवे स्टेशन पार करने के बाद ट्रेन के सामान्य कोच से शोर सुनकर तुरंत कार्रवाई की। जब वे मौके पर पहुंचे, तो देखा कि एक युवक यात्रियों के बीच पिस्तौल लहरा रहा था, जबकि उसका साथी अभद्र भाषा का उपयोग कर यात्रियों को धमका रहा था। इस घटना ने कोच में दहशत फैला दी। आरपीएफ जवानों ने बिना समय गंवाए दोनों युवकों को पकड़ लिया। तलाशी में एक आरोपी के पास से अवैध पिस्तौल और 7.65 एमएम का जिंदा कारतूस मिला।
आरोपियों की पहचान
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने नाम अकीब खान (21 वर्ष) और रेहान खान (20 वर्ष) बताये। दोनों की पहचान रांची के बड़ियातू जोड़ा तालाब स्थित सरताज कॉलोनी के निवासी के रूप में हुई। घटना की सूचना तुरंत मंडल सुरक्षा आयुक्त को दी गई। बाद में जब ट्रेन रांची रेलवे स्टेशन पहुंची, तब आरपीएफ पोस्ट रांची और आरपीएफ अपराध शाखा (सीआईबी) की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
हथियार की मिली जानकारी
आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्हें यह हथियार और कारतूस टाटानगर रेलवे स्टेशन के निकट एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा दिया गया था। दोनों आरोपी सामान्य कोच में यात्रा कर रहे थे, और जब कुछ यात्रियों ने उन्हें पिस्तौल लहराते देखा, तो उन्होंने डराने का प्रयास किया। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे इस हथियार को रांची के स्थानीय क्षेत्र में सप्लाई करने की योजना बना रहे थे।
जीआरपी द्वारा मामला दर्ज
आरपीएफ के एएसआई भुतेश झा ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद, उन्हें हथियार और कारतूस सहित जीआरपी रांची को सौंप दिया गया। जीआरपी रांची ने शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 25(1B)(a), 27 और 35 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
इस अभियान में एसआई सूरज पांडे, एएसआई भुतेश झा, प्रमोद कुमार, एम. अंसारी, नीरज कुमार, वी.के. मौर्य, सी. कच्छप और अफरोज आलम समेत आरपीएफ अपराध शाखा (सीआईबी) रांची की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।