आरएसएस कार्यालय पर हमला: दुबई, दिल्ली, मुंबई और यूपी के लिंक; ATS ने शुरू की जांच

रांची : रांची में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले की जांच अब एटीएस द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और ट्रैवेल हिस्ट्री की भी गहराई से जांच की जा रही है। इनमें से एक आरोपी के संबंध दुबई से जुड़े पाए गए हैं, साथ ही कई अन्य राज्यों से कनेक्शन भी मिल रहे हैं।

अपराध की कड़ियों को जोड़ने में जुटी एटीएस

एटीएस अपराध की कड़ियों को जोड़ने की प्रक्रिया में लगी हुई है। टीम ने घटना की रात आरएसएस कार्यालय में मौजूद लोगों और आसपास के निवासियों से पूछताछ की। अपराधियों के आने-जाने वाले रास्तों का भी निरीक्षण किया गया। पेट्रोल बम से हमले से जुड़े सबूतों को इकट्ठा करने के लिए आरएसएस कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों के लिंक अब तक चार राज्यों से जुड़ने के संकेत मिले हैं, जिनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मुंबई शामिल हैं।

जांच टीम विदेशी कनेक्शन पर गंभीरता से ध्यान दे रही है। इसमें संदिग्धों से मुलाकात और अन्य राज्यों के सहयोगियों से संबंधों की भी जांच की जा रही है।

अमन का पासपोर्ट जब्त

आरएसएस कार्यालय पर हमले के संबंध में रांची पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अमन अंसारी उर्फ गोलू का विदेश कनेक्शन उजागर हुआ है। पुलिस ने उसके पासपोर्ट को जब्त किया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में सैफ अंसारी और सायम सुजान शामिल हैं, जो सभी मूल रूप से लोहरदगा के निवासी हैं।

एटीएस इन तीनों के अन्य सहयोगियों के डेटा की भी जांच कर रही है। अमन दुबई में काम करने गया था, जहां उसे आतंकी गतिविधियों के बारे में भड़काया गया। एटीएस आरोपियों के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की भी जांच कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वे किस प्रकार से अपने अन्य सहयोगियों के साथ जुड़े हुए थे।

दुबई में मिला था खतरनाक टास्क

एटीएस जांच के दौरान चार संदिग्धों का सत्यापन कर रही है। इनमें दुबई के शहबाज आलम उर्फ भट्टी, राणा हुसैन, मुंबई के ट्रैवेल एजेंट जिशान और अमृतसर के बीर शामिल हैं। इन नामों का खुलासा आरोपियों से पूछताछ में हुआ है।

गिरफ्तार अमन एसी तकनीशियन के काम के सिलसिले में दुबई गया था, जहां उसकी मुलाकात शहबाज आलम और राणा हुसैन से हुई थी। ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आइएसआइ) और आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े हुए थे। उन्होंने अमन का ब्रेनवाश किया और उसे हिंदुस्तान में आतंक फैलाने का टास्क सौंपा।

जिशान मुंबई का ट्रैवेल एजेंट है, जिसके माध्यम से अमन ओमान और दुबई जा चुका है। जांच में अमृतसर के बीर का नाम भी सामने आया है, जो आतंकियों के संपर्क में था। सभी संदिग्ध इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक-दूसरे से जुड़े हुए थे।

पेट्रोल बम से हुआ था आरएसएस कार्यालय पर हमला

रांची के आरएसएस कार्यालय पर 16 जून की रात पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इस मामले में 17 जून को चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी और अमन अंसारी को गिरफ्तार किया था।

सैफ अंसारी लोहरदगा के बगरू मोड़ बड़ा तालाब का निवासी है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का निवासी है। दोनों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी सायम सुजान का नाम लिया, जिसकी गिरफ्तारी रांची से हुई थी। सायम भी लोहरदगा के पत्थलकुदवा स्थित फुलबगान का निवासी है। सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था, जिसके बाद चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद सैफ को फिर से गिरफ्तार किया गया।

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