सिवान-भागलपुर-बेगूसराय कोर्ट को धमकी मिलने पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई

झारखंड में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

डेस्क: झारखंड में कई सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस धमकी के प्राप्त होने के बाद, प्रशासन ने न्यायालय परिसरों को तुरंत खाली कराया और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया। पुलिस ने मौके पर सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

बड़ी सुरक्षा चौकसी

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बेगूसराय सिविल कोर्ट में सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। न्यायालय परिसर में माइक के जरिए सभी वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

मुजफ्फरपुर का हाल

बेगूसराय के बाद मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली है। यहां भी सुरक्षा उपायों को सख्त किया गया और परिसर को खाली कराया गया। सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों मामलों की एक जड़ देखने का प्रयास किया और इसके पीछे एक संभावित साजिश की आशंका प्रकट की।

सीवान में गंभीर स्थिति

सीवान सिविल कोर्ट को लेकर भी स्थिति गंभीर हो गई, जब एसपी और डीएम को धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। इसके बाद प्रशासन ने आम लोगों और वकीलों की एंट्री पर रोक लगा दी। पुलिस ने यहां भी सर्च ऑपरेशन चलाया ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

भागलपुर भी नहीं बचा

भागलपुर सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। यह धमकी कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी के जरिए दी गई। ऐसे में सुरक्षा के विशेष उपाय किए जा रहे हैं और पुलिस तथा जिला प्रशासन को सूचित किया गया है।

साइबर सेल की कार्रवाई

पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लिया जाएगा। धमकी भरे ई-मेल के स्रोत और डिजिटल ट्रेल की गहन जांच की जा रही है। साइबर सेल को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वकीलों और नागरिकों में दहशत का माहौल है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

न्यायालयों की सुरक्षा

दूसरी ओर, न्यायालयों के चारों ओर सुरक्षा उपायों को सख्त किया गया है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इस गंभीर घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश जारी है।

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