रहाणे की jealousy पर सहवाग ने दी सीख, बच्चन-तेंदुलकर के उदाहरण दिए

कोलकाता नाइट राइडर्स की निराशाजनक शुरुआत

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की यात्रा बेहद कठिन रही है, क्योंकि टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता है। लगातार दो हार ने कप्तान अजिंक्य रहाणे पर दबाव बढ़ा दिया है। हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब रहाणे से उनके स्ट्राइक रेट के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने अपना आपा खो दिया। रहाणे ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘ईर्ष्यालु’ करार दिया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।

रहाणे की आलोचना और प्रतिक्रिया

हैदराबाद के खिलाफ मैच में 10 गेंदों पर 8 रन बनाने के बाद रहाणे को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग उनके स्ट्राइक रेट की बात कर रहे हैं, वे या तो मैच नहीं देख रहे हैं या उनके खिलाफ कोई खास ‘एजेंडा’ चला रहे हैं। रहाणे ने यह भी कहा कि कुछ लोग उनकी सफलता से जलते हैं, जिससे उनका आक्रामक रुख सभी को आश्चर्यचकित कर गया।

सहवाग की सलाह

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने रहाणे के इस व्यवहार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सहवाग का मानना है कि एक कप्तान को प्रशंसा और आलोचना, दोनों को समान रूप से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को विवादित बयानों से बचना चाहिए और अपनी खेल क्षमता के माध्यम से आलोचना का सामना करना अधिक प्रभावशाली होता है।

सचिन और बच्चन का उदाहरण

सहवाग ने रहाणे को समझाने के लिए सचिन तेंदुलकर और अमिताभ बच्चन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि एक बार एक अखबार ने सचिन को ‘एंडुलकर’ कहकर उनका मजाक उड़ाया, लेकिन सचिन ने कभी भी पलटकर जवाब नहीं दिया। इसी तरह, अमिताभ बच्चन ने भी आलोचकों को कभी स्पष्टीकरण नहीं दिया। सहवाग ने कहा कि शांत रहकर शतक बनाना ही सबसे बेहतरीन तरीका है जिससे आलोचकों को चुप कराया जा सकता है।

कैमरन ग्रीन की चुप्पी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी न करने पर सवाल उठाए गए, तो रहाणे ने इसे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का मामला बताया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस बारे में उसी संस्था से पूछा जाना चाहिए। बाद में पता चला कि ग्रीन अपनी पुरानी पीठ की चोट के कारण गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं। सहवाग ने रहाणे के इस जवाब को पेशेवर माना, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि रहाणे को अपने व्यक्तिगत स्ट्राइक रेट पर भी संयम बनाए रखना चाहिए।

केकेआर की स्थिति और आगे की राह

वर्तमान में, कोलकाता नाइट राइडर्स अंक तालिका में आठवें स्थान पर है और उनका नेट रन रेट भी निराशाजनक है। लगातार हार और टीम के भीतर रणनीतिक स्पष्टता की कमी ने प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। रहाणे के व्यक्तिगत प्रदर्शन और उनके हालिया बयानों ने उन पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। अब टीम को टूर्नामेंट में वापसी के लिए न केवल जीत की दरकार है, बल्कि कप्तान को भी अपना खोया हुआ संयम पुनः प्राप्त करना होगा।

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