📌 गांडीव लाइव डेस्क:
बांग्लादेश में तख्तापलट की घटनाओं पर नई जानकारी
बांग्लादेश में पिछले वर्ष हुए तख्तापलट और शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर वकील ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में केवल घरेलू बल नहीं, बल्कि विदेशी शक्तियों का भी हाथ था।
शेख हसीना का इस्तीफा: एक नई व्याख्या
इस सिलसिले में, सरकारी वकील मोहम्मद आमिर हुसैन ने स्पष्ट रूप से कहा कि शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि उन पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते उन्हें भारत भागना पड़ा। उन्होंने यह बात नेशनल सिटिजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम के गवाही के संदर्भ में कही, जो इस मामले में 47वें गवाह के रूप में पेश हुए थे।
गवाहों के बयान और तर्क
हुसैन ने कहा कि वे बिना कारण मोहम्मद यूनुस का नाम नहीं लेना चाहते थे, लेकिन गवाहों के बयान के आधार पर ऐसा करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शेख हसीना ने आंदोलन को दबाने के लिए कोई खतरनाक हथियारों का उपयोग नहीं किया। उनकी प्राथमिकता हमेशा से कानून और व्यवस्था को बनाए रखना रही है।
नए चुनावों के समीप स्थिति
हाल ही में बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने शेख हसीना को आगामी चुनाव में भाग लेने से रोक दिया है। फरवरी 2025 में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें कई अन्य राजनीतिक हस्तियों को भी मतदान से वंचित किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हसीना के परिवार के लोग और सुरक्षा सलाहकारों को भी वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि जिन्होंने विदेश में अपना निवास बनाया है, उनके एनआईडी कार्ड लॉक होने के कारण उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है।
यह घटनाक्रम बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल में एक नया मोड़ ला सकता है, और इससे आगामी चुनावों पर प्रभाव पड़ने की संभावनाएं हैं।

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